नई दिल्ली, 30 अक्टूबर, 2026
दिल्ली पुलिस अकादमी, झड़ोदा कलां में आज विभिन्न संवर्गों के 68 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। सभी प्रशिक्षुओं ने अपना बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री राजबीर मलिक, उप निदेशक, दिल्ली पुलिस अकादमी रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली। इस अवसर पर सहायक निदेशक (इनडोर) श्री प्रभु दयाल ने सभी प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा और संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा की शपथ दिलाई।
इस बैच में कुल 68 प्रशिक्षु शामिल हैं, जिनमें 48 पुरुष और 20 महिला प्रशिक्षु हैं। ये प्रशिक्षु तीन अलग-अलग बैचों से हैं –
- रिक्रूट कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) बैच संख्या-128 के 58 प्रशिक्षु (44 पुरुष, 14 महिला)
- हेड कांस्टेबल (मिनिस्टीरियल) बैच संख्या-72 के 08 प्रशिक्षु (02 पुरुष, 06 महिला)
- प्रोबेशनरी सहायक उप-निरीक्षक (रेडियो तकनीशियन) बैच संख्या-02 के 02 पुरुष प्रशिक्षु
- ये सभी प्रशिक्षु दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से संबंधित हैं और विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित
समारोह में प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
- महिला हेड कांस्टेबल (मिनिस्टीरियल) प्रियंका और कांस्टेबल नरेश कुमार को अपने-अपने संवर्ग में ऑल राउंड बेस्ट घोषित किया गया। दोनों ने आउटडोर प्रशिक्षण में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- • महिला कांस्टेबल मेघा सिंह ने इनडोर प्रशिक्षण में प्रथम स्थान हासिल किया।
- • कांस्टेबल लोकेश कमांडो प्रशिक्षण में प्रथम रहे। •
- कांस्टेबल साहिल जगोत्रा ने पुलिस प्रक्रिया (Police Procedure) विषय में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री राजबीर मलिक ने सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने प्रशिक्षुओं का आह्वान किया कि वे अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता और व्यावसायिक दक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के प्रत्येक सदस्य को सत्यनिष्ठा और कर्तव्य के प्रति समर्पण के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए जनता के लिए विश्वास, सुरक्षा और न्याय का प्रतीक बनना चाहिए।