विशेष संवाददाता चिमन लाल
एसडीएम ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर किसानों को फसल अवशेष न जलाने बारे किया जागरूक
रोहतक
रोहतक के उपमंडलाधीश आशीष कुमार ने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि वे धान की फसल के अवशेषों को आग न लगायें तथा इन फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। फसल अवशेषों को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और भूमि उपजाऊ शक्ति भी घट जाती है। प्रदूषण से सभी प्राणियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उपमंडलाधीश आशीष कुमार जिला के डोभ, कलानौर, जिंदराण, निंगाना, आंवल व लाहली गांवों में किसानों को फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने बारे जागरूक करने के साथ-साथ जल निकासी कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होने के साथ-साथ भूमि में मौजूद किसान के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते है। किसान धान के फसल अवशेषों से पशुओं के लिए चारा भी बना सकते है तथा उचित प्रबंधन कर अतिरिक्त आय भी कमा सकते है। हरियाणा सरकार पराली न जलाने वाले किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत प्रति एकड़ 1200 रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को पराली को जलाने के बजाय उसके उचित प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे पर्यावरण की रक्षा हो सके।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर पर तीन तरह की कार्यवाही की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज करवाना, 5 हजार से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना व मेरी फसल मेरा ब्यौरा में रेड एन्ट्री करने का प्रावधान हैं। यदि कोई किसान 2 एकड़ भूमि में फसल अवशेष को आग लगाता है, तो उस पर 5 हजार रुपये, 2 से पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि में फसल अवशेष जलाने पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है, जिस किसान की मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेड एन्ट्री कर दी जाती है, वे किसान अगले 2 सीजन तक अपनी फसल मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य अर्थात एमएसपी पर नहीं बेच पाएगा। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन गांवों में अभी जल निकासी का कार्य चल रहा है, उसमें और अधिक तेजी लाई जाये। उन्होंने गांव जिंदराण में अतिरिक्त पंप सैट व पाइप लाइन लगाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान एसडीएम आशीष कुमार ने कहा कि जिला में खाद की कोई कमी नहीं है। अगर किसी किसान को खाद से संबंधित कोई समस्या अथवा शिकायत है तो वह तुरंत एसडीएम कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
उपमंडलाधीश आशीष कुमार ने स्थानीय अनाज मंडी में फसल खरीद कार्य की समीक्षा की तथा अधिकारियों को फसल खरीद कार्य को सुचारू एवं पारदर्शी तरीके से करने के निर्देश दिए। आशीष कुमार ने कहा कि किसानों को मंडियों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समृद्धि के लिए लगातार कार्य कर रही है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मंडी में चल रही खरीद एवं उठान कार्य की समीक्षा की और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस दौरान बीडीपीओ अश्वनी, कलानौर के तहसीलदार रवि व मंडी के अधिकारी मौजूद थे।