विधवा महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है ऋण -उपायुक्त सचिन गुप्ता

विशेष संवाददाता चिमन लाल

विधवा अनुदान योजना के तहत स्वरोजगार के लिए तीन लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान

रोहतक,

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त, स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। हरियाणा में क्रियान्वित की जा रही विधवा अनुदान योजना के तहत राज्य की विधवा महिलाओं को बैंकों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए 3 लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ 3 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली विधवा महिलाओं को प्रदान किया जाता है। इसकी पात्रता शर्तों में महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच, पूर्व के किसी ऋण मामले में डिफाल्टर न होना, हरियाणा का निवासी होना शामिल है। योजना के तहत बैंक ऋण के ऊपर लगे ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा अनुदान के रूप में अदा कर की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपए व अवधि 3 वर्ष, जो भी पहले होगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि विधवा अनुदान योजना के तहत डेयरिंग, वाहन के तहत ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, पापड़ बनाना, आचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, टिफिन सर्विस, स्कूल यूनिफॉर्म सीलना इत्यादि शामिल है। इच्छुक महिलाएं आवेदन करने के लिए स्थानीय जिला विकास भवन के कमरा संख्या 224-25 स्थित हरियाणा महिला विकास निगम जिला प्रबंधक कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं तथा कार्यालय के दूरभाष 01262-250164 पर किसी भी कार्य दिवस में सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विधवा अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करवाने होंगे। इन दस्तावेजों में राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र आदि शामिल है तथा आवेदक के पास उपरोक्त सभी दस्तावेजों की दो-दो कॉपी जमा करवायें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *