समाधान शिविरों से प्राप्त 5450 शिकायतों में से केवल 131 पेंडिंग
झज्जर,
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को ‘समाधान शिविर’ की साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में शिकायतों की स्थिति को लेकर गंभीरता से चर्चा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। वीसी के दौरान उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने जिला में सोमवार व गुरूवार को लगने वाले समाधान शिविरों की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक जिला में कुल 5450 शिकायतें सामाधान शिविरों में दर्ज हुई हैं । इनमें से ज्यादातर का समाधान कर दिया गया है, केवल 131 शिकायत पेंडिंग है, जिनका संबंधित विभागों द्वारा समाधान किया जा रहा है। उपायुक्त ने वीसी उपरांत जिलाभर के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान शिविरों के संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने विभाग से संबंधित प्रत्येक शिकायत का समाधान संवेदनशीलता व गंभीरता से करें। नागरिकों की बातों को ध्यान से सुनें और उनको बताएं कि आपकी समस्या का समाधान तय समय सीमा में कर दिया जाएगा। जिन शिकायतों का समाजान हो जाता है उनकों पोर्टल पर अपडेट अवश्य करें।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा समाधान शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। समाधान शिविर, जनसंवाद पोर्टल और एसएमजीटी पोर्टल की शिकायतों का सभी विभाग शीघ्र और प्रभावी समाधान करें। अधिकारी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पूरी निगरानी स्वयं करें। जिस समस्या का समाधान विभाग द्वारा स्थानीय स्तर पर नहीं हो रहा , उक्त शिकायत को संबंधित एसडीएम के माध्यम से एडीसी और डीसी के समक्ष रखें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही शासन -प्रशासन की प्राथमिकता होती है। समीक्षा बैठक में डीसीपी जसलीन कौर, एडीसी जगनिवास, एसडीएम बहादुरगढ आईएएस अभिनव सिवाच, सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, डीआरओ मनबीर, डीडीपीओ निशा तंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।