नई दिल्ली, 24 जून 2026: दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिला साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल फोन हैक कर बैंक खातों से ठगी की रकम ट्रांसफर करने और ‘म्यूल अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गैंग का भंडाफोड़ किया है। तीन दिन तक चले ऑपरेशन में पुलिस ने मध्य प्रदेश के जावरा, रतलाम से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
वजीराबाद निवासी 31 वर्षीय महिला ने 26 मई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मोबाइल फोन को हैक कर बैंक खाते से 1,00,000 रुपये अवैध रूप से ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़िता ने न तो किसी को ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा किया था और न ही किसी को लेनदेन के लिए अधिकृत किया था। इस संबंध में साइबर थाना नॉर्थ में ई-एफआईआर संख्या 148/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
1500 किमी का सफर, ऐसे पकड़े गए आरोपी:
एसीपी ऑपरेशंस विशेष धत्तरवाल के निर्देशन और एसएचओ साइबर थाना इंस्पेक्टर रोहित गहलोत की देखरेख में एसआई मनीष तंवर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। तकनीकी जांच और बैंक खातों के मनी ट्रेल का विश्लेषण किया गया। जिस खाते में रकम गई थी वह रतलाम निवासी फईम के नाम पर था, लेकिन दिए गए पते पर कोई नहीं मिला और मोबाइल भी बंद था।
लगातार सर्विलांस के बाद पुलिस को आरोपियों की लोकेशन जावरा, रतलाम में मिली। 4 जून को छापेमारी कर मुख्य आरोपी फईम बाग (26) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी पर उसी दिन शुभम गोयल (27), दीपक प्रजापत (28) और मनोज कुमार टेलर (39) को भी रतलाम से दबोच लिया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दीपक और शुभम ने जावरा के एक चाय स्टॉल पर फईम को 2,000 रुपये का लालच देकर उसका बैंक खाता इस्तेमाल करने को कहा। फईम ने खाता विवरण दे दिया। दीपक ने यह डिटेल मनोज को, और मनोज ने प्रवीण नाम के व्यक्ति को भेजी। 26 मई को ठगी के 1 लाख रुपये फईम के खाते में आए। उसी दिन फईम, दीपक और शुभम बैंक गए, फईम ने चेक से 1 लाख निकाले और दीपक को दे दिए। दीपक ने 8,000 रुपये कमीशन रखा और 92,000 मनोज को दिए। मनोज ने अपना कमीशन काटकर बाकी रकम प्रवीण को भेज दी।
चारों ने स्वीकार किया कि वे साइबर ठगी की रकम को जानबूझकर निकालने और आगे भेजने का काम कर रहे थे।
डीसीपी नॉर्थ राजा बैंठिया ने बताया कि आरोपियों से 4 मोबाइल फोन और 7 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। इनके डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। एनसीआरपी पोर्टल पर इनके चार बैंक खातों से जुड़ी 10 अन्य शिकायतें भी मिली हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।