दिल्ली में इस बार होली के दिन पूरी राजधानी में 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहेंगे. संवेदनशील क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख चौराहों और रिहायशी इलाकों में अतिरिक्त बल लगाया जाएगा. जिला पुलिस, ट्रैफिक विंग और पीसीआर यूनिट की टीमें लगातार गश्त करती रहेंगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके. इसके अलावा सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी भीड़ के बीच मौजूद रहेंगे. ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए कई जगहों पर निगरानी रखी जाएगी, जिससे शरारती तत्वों की पहचान तुरंत की जा सके। होली के मौके पर शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं. इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान की योजना बनाई है. शहर की मुख्य सड़कों और हाईवे पर चेकिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे. ब्रेथ एनालाइजर और स्पीड गन के साथ टीमें तैनात रहेंगी. नियम तोड़ने वालों का मौके पर चालान किया जाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य साफ है कि जश्न के दौरान सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
होली के दिन बाइक स्टंट, तेज रफ्तार और ट्रिपल राइडिंग जैसी लापरवाहियां अक्सर हादसों को न्योता देती हैं. इस बार ऐसे मामलों पर खास नजर रखी जाएगी. पुलिस ने संकेत दिए हैं कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी. सड़क पर खतरनाक करतब दिखाना या दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालना महंगा पड़ सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीसीआर कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके. वहीं, नागरिकों से अपील की है कि वे किसी पर भी उसकी इच्छा के खिलाफ रंग न डालें और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखें. ट्रैफिक नियमों का पालन करने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की सलाह दी गई है. प्रशासन का कहना है कि सहयोग और सतर्कता के साथ ही दिल्ली में होली का उत्सव सुरक्षित और सुखद बनाया जा सकता है।