नई दिल्ली। उत्तर जिला की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भारत-दुबई में सक्रिय ₹1 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह कथित तौर पर गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर रूप नगर में नियोजित फायरिंग की वारदात को नाकाम कर दिया है।
16 सितंबर को रूप नगर निवासी प्रवीण जैन और उनके बेटे को UAE के नंबर से कॉल कर खुद को गोल्डी बराड़ का साथी बताते हुए ₹1 करोड़ की मांग और जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसी नंबर से 19 सितंबर को रोहिणी सेक्टर-1 के एक बिल्डर मनोज मलिक से भी ₹1 करोड़ की रंगदारी मांगी गई। दोनों मामलों में FIR दर्ज की गई।
डीसीपी नॉर्थ निहारिका भट्ट के निर्देशन में ACP विशेश धत्तरवाल, इंस्पेक्टर आशीष दुबे और SHO रमेश कौशिक की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में दुबई में बैठे आरोपी आरिश और भारतीय नेटवर्क के तार जुड़े मिले।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य भारतीय लिंक आरिफ उर्फ पिस्टल (32) को अहमदाबाद के वेजलपुर से गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से शामली, यूपी का रहने वाला है और 12 आपराधिक मामलों में वांछित है।
जांच में खुलासा हुआ कि इस साजिश का मुख्य साजिशकर्ता मुबारिक उर्फ गुल्लू है, जो शिकायतकर्ता के पार्टनर का सगा भाई है। उसने ही शूटरों के लिए किराड़ी में कमरा किराए पर लिया था। उसे 25 सितंबर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
तीसरा आरोपी शूटर नवाब अली उर्फ सोनिज को 1 अक्टूबर को रेवाड़ी स्टेशन के पास चलती ट्रेन से RPF की मदद से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने रंगदारी न मिलने पर रूप नगर में घर पर फायरिंग की योजना बनाई थी, जिसे STF ने समय रहते विफल कर दिया। पनपत और मुजफ्फरनगर के 4 अन्य संदिग्ध शूटरों और दुबई में बैठे कॉलर की तलाश जारी है।