कोलकाता, 5 मई 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खुद भवानीपुर सीट से चुनाव हारने के बाद राज्य में सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। राजभवन सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी सोमवार को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। इसके साथ ही बंगाल में TMC के 15 साल के शासन का अंत हो जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
4 मई को आए चुनाव नतीजों में भाजपा ने 294 में से 200 से ज्यादा सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। खुद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से 15,000 से ज्यादा वोटों से हार गईं।
नतीजों के बाद ममता ने कहा, “BJP ने 100 से ज्यादा सीटें लूट लीं। चुनाव आयोग BJP का आयोग बन गया है। यह अनैतिक जीत है। हम जोरदार वापसी करेंगे।”
संवैधानिक प्रक्रिया क्या कहती है?
संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत मुख्यमंत्री राज्यपाल की मर्जी तक पद पर रहता है। बहुमत खोने पर परंपरा के मुताबिक CM को तुरंत इस्तीफा देना होता है। अगर इस्तीफा न दिया जाए तो राज्यपाल फ्लोर टेस्ट बुलाकर बहुमत साबित करने को कह सकता है। बहुमत न होने पर राज्यपाल CM को बर्खास्त कर सकता है।
पहले दिया था 23 पदों से इस्तीफा
चुनाव से ठीक पहले 24 मार्च को ममता बनर्जी ने राज्य स्वास्थ्य मिशन, वन्यजीव बोर्ड और इको-टूरिज्म सलाहकार बोर्ड समेत 23 सरकारी पदों से इस्तीफा दे दिया था। नवान्न सचिवालय ने सभी विभागों को इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश दिया था।
अब आगे क्या?
भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होगा। राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव हारने के बाद अगर कोई मुख्यमंत्री 6 महीने के अंदर सदन का सदस्य नहीं बनता तो पद अपने-आप चला जाता है। पर बहुमत खोने पर इस्तीफा देना संवैधानिक बाध्यता बन जाती है।
(रिपोर्ट: ब्यूरो, कोलकाता)