टीबी से जुड़े सवाल – डॉ. एस.के. अरोड़ा के साथ:टीबी और डायबिटीज: एक डबल खतरा

जानिए जरूरी सवाल-जवाब

प्रश्न 1: क्या डायबिटीज से टीबी का खतरा बढ़ता है?
हाँ, डायबिटीज के मरीजों में टीबी होने का खतरा 2–3 गुना अधिक होता है, क्योंकि शुगर बढ़ने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

प्रश्न 2: भारत में यह समस्या कितनी बड़ी है?
भारत में दुनिया के लगभग 25% टीबी मरीज हैं। साथ ही डायबिटीज भी तेजी से बढ़ रही है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि लगभग 20–25% टीबी मरीजों में डायबिटीज भी होती है।

प्रश्न 3: डायबिटीज टीबी को कैसे प्रभावित करती है?
डायबिटीज के मरीजों में:
टीबी ज्यादा गंभीर हो सकती है
फेफड़ों को अधिक नुकसान हो सकता है
ठीक होने में समय लग सकता है

प्रश्न 4: क्या डायबिटीज इलाज को प्रभावित करती है?
हाँ, अनियंत्रित शुगर से:
दवाओं का असर कम हो सकता है
इलाज में देरी हो सकती है
बीमारी दोबारा हो सकती है और एमडीआर टीबी का रूप ले सकती है ।

प्रश्न 5: क्या इलाज अलग होता है?
टीबी का इलाज वही रहता है, लेकिन ब्लड शुगर का नियंत्रण बहुत जरूरी होता है।

प्रश्न 6: जांच कैसे की जाती है
टीबी की जांच: CBNAAT/Truenat, एक्स-रे
डायबिटीज: नियमित ब्लड शुगर जांच

प्रश्न 7: सरकार क्या कर रही है?
National TB Elimination Programme के तहत दोनों बीमारियों की साथ-साथ जांच (bidirectional screening) पर जोर दिया जा रहा है।सभी टीबी रोगियों की मधुमेह के लिए अनिवार्य जांच (Screening) और मधुमेह के रोगियों में सक्रिय टीबी के लिए स्क्रीनिंग (विशेषकर उच्च बोझ वाले क्षेत्रों में) पर जोर देकर इस खतरे को कम किया जा सकता है।

प्रश्न 8: मरीजों के लिए क्या सलाह है?
शुगर को नियंत्रित रखें
टीबी की दवाएं नियमित लें
संतुलित आहार लें
डॉक्टर की सलाह का पालन करें

निष्कर्ष: डॉ. एस.के. अरोड़ा का कहना है कि टीबी और डायबिटीज का संयोजन एक डबल खतरा है, लेकिन सही समय पर जांच और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उनके अनुसार भारत में टीबी (TB) और मधुमेह (Diabetes – DM) के बीच बढ़ते सह-संबंध (Syndemic) को देखते हुए, दोनों रोगों के नियंत्रण के लिए प्रभावी सहयोग तंत्र (Collaboration Mechanisms) को स्थापित करना और मजबूत करना आवश्यक है। भारत के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) और गैर-संचारी रोगों (NCD) के कार्यक्रमों के बीच एकीकरण, विशेष रूप से NPCDCS (अब NCD के लिए) के माध्यम से, आवश्यक है।

डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India)

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