राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मैसनाम रितेन कुमार सिंह को सीबीआई ने रिश्वत लेते अरेस्ट किया है।
इसके बाद अब अधिकारी के कार्यालय और आवासीय परिसरों की तलाशी ली. उनके साथ ही कारोबारी बिनोद जैन के ठिकानों की भी तलाशी ली. इस दौरान 2.62 करोड़ कैश और करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई है.
यह वही एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और रीजनल ऑफिसर (गुवाहाटी) हैं, जिन्हें सीबीआई ने 14 अक्टूबर को ₹10 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद गुवाहाटी, गाजियाबाद और इम्फाल में तलाशी ली गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए।
CBI की छापेमारी में अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर भारी संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए. इसमें ₹2.62 करोड़ कैश, दिल्ली-NCR में 9 लग्जरी फ्लैट, 1 प्रीमियम ऑफिस स्पेस और 3 रेजिडेंशियल प्लॉट्स, बेंगलुरु में 1 फ्लैट और 1 प्लॉट, गुवाहाटी में 4 फ्लैट और 2 प्लॉट, इम्फाल वेस्ट में 2 होमस्टेड प्लॉट और 1 कृषि भूमि, 6 लग्जरी गाड़ियां, 2 महंगी घड़ियां और 100 ग्राम का सिल्वर बार बरामद हुआ है. CBI के मुताबिक, इन संपत्तियों की कीमत कागज़ों में कम दिखाई गई है, लेकिन असल में इनकी मार्केट वैल्यू कई गुना ज्यादा है।
CBI को गोपनीय जानकारी मिली थी कि NHIDCL के इस अफसर ने एक प्राइवेट कंपनी से काम में मदद करने के बदले रिश्वत मांगी है. CBI ने 14 अक्टूबर को ट्रैप लगाया और अफसर को ₹10 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा. रिश्वत इस बात के लिए ली जा रही थी कि कंपनी को उसके चल रहे प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे-37 (Demow से Moran Bypass तक 4-लेन सड़क का काम) की समय सीमा बढ़ाने और कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने में मदद मिले।