दिल्ली में ठगी गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना गिरफ्तार
दिल्ली में अस्पतालों और मंदिरों के बाहर महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर गैंग का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीम ने इस गिरोह की सरगना पारो को गिरफ्तार कर लिया है, जो पिछले 3 मामलों में वांछित थी और 2 मामलों में घोषित अपराधी (PO) भी थी।
शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही थीं, जहां अकेली या कमजोर स्थिति में मौजूद महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा था। आरोपी महिलाएं बातचीत के जरिए पहले भरोसा जीतती थीं और फिर मनोवैज्ञानिक तरीके से भ्रमित कर उनके गहने और कीमती सामान ठगकर फरार हो जाती थीं।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज को जांच सौंपी गई। इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने करीब 50 जगहों के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई। आखिरकार 9 अप्रैल 2026 को टीम ने बवाना से गैंग की सरगना पारो को गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह खासतौर पर अस्पताल और मंदिर जैसे स्थानों पर अकेली महिलाओं को टारगेट करता था। आरोपी पहले मदद या सहानुभूति के बहाने बातचीत शुरू करती थीं, फिर धीरे-धीरे पीड़िता को भ्रमित कर देती थीं। कई मामलों में ‘बुरी किस्मत’ या ‘खतरे’ का डर दिखाकर भरोसा जीतती थीं और उसी दौरान गहने उतरवा कर फरार हो जाती थीं।
पहले भी कर चुकी है वारदात
18 अप्रैल 2023 को LNJP Hospital में भी इसी तरह एक महिला से सोने के गहने ठगे गए थे। गिरफ्तार आरोपी पारो (उम्र करीब 38 वर्ष) बवाना की रहने वाली है और 8वीं तक पढ़ी है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उसने अपराध की राह पकड़ ली और धीरे-धीरे इस गैंग की सरगना बन गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसे 9 नवंबर 2023 को Tis Hazari Courts द्वारा घोषित अपराधी घोषित किया गया था और वह तभी से फरार चल रही थी। पुलिस ने लोगों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर अजनबियों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।