नई दिल्ली। पश्चिमी जिला पुलिस की ऑपरेशन टीम ने जनकपुरी में इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों को ठगने वाले एक संगठित साइबर ठगी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने मौके से 43 लोगों – 32 महिलाओं और 11 पुरुषों – को पकड़ा है, जिसमें कॉल सेंटर का मालिक, मैनेजर और टेलीकॉलर शामिल हैं।
पकड़े गए आरोपियों पर आरोप है कि वे खुद को PNB MetLife, SBI Insurance, ICICI Lombard और Bharti AXA जैसी बड़ी इंश्योरेंस कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर पॉलिसी धारकों को फोन करते थे और पॉलिसी अपग्रेड व फर्जी बेनिफिट्स का लालच देकर ठगी करते थे।
बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 2 लाख रुपये नकद, 48 मोबाइल फोन (40 कीपैड और 8 स्मार्टफोन), एक लैपटॉप, 38 सिम कार्ड जो फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए थे, और 22 डेबिट/क्रेडिट/पेमेंट कार्ड बरामद किए हैं।
इसके अलावा 619 पन्नों पर पॉलिसीधारकों का डेटा, 67 रजिस्टर/नोटबुक जिनमें ग्राहकों की डिटेल थी, और AMSR कंपनी के नाम के 38 फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं। मालिक के मोबाइल में मिले दो बैंक खाते NCRP पोर्टल पर दर्ज 5 साइबर शिकायतों से लिंक पाए गए हैं।
कैसे मिला इनपुट और कैसे हुई कार्रवाई
दिनांक 04.11.2026 को जनकपुरी के A-3/11, दूसरी मंजिल पर एक अवैध साइबर कॉल सेंटर चलने की गुप्त सूचना मिली।
सूचना पर ACP/ऑपरेशंस श्री राजेश कुमार के नेतृत्व और DCP पश्चिमी जिला के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर अमित धानी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में SI संदीप दलाल, SI विशु प्रताप, SI दीपक मेहला, SI चंद्र शेखर, HC अनिल, HC विनोद, HC विकास, HC करण, HC प्रवीण, HC विनय, HC जय प्रकाश, Ct. विकास, Ct. अंकित, WHC भारती और WHC कविता शामिल थे।
टीम ने छापा मारा तो 43 लोग वर्कस्टेशन पर बैठे कीपैड फोन से कॉल करते मिले। पूछताछ में मालिक और प्रशासनिक स्टाफ किसी भी बैंक या इंश्योरेंस कंपनी से अधिकृत दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
इस संबंध में थाना जनकपुरी में FIR No. 450/2026 धारा 318(4)/61(2)/3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में 5 आरोपी – विशाल कपूर (मालिक), नितिन शर्मा (एडमिन), गुंजन (HR मैनेजर), अजय (असिस्टेंट मैनेजर) और भीम (मैनेजर) को गिरफ्तार किया गया, जबकि 38 टेलीकॉलर हैं।
ठगी का तरीका
जांच में सामने आया कि मालिक विशाल कपूर पॉलिसीधारकों का डेटा खरीदकर टेलीकॉलर्स को देता था। टेलीकॉलर इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर ग्राहकों को पॉलिसी अपग्रेड और आकर्षक स्कीम का ऑफर देते थे। इच्छुक ग्राहक को मैनेजर और HR के जरिए मालिक के पास भेजा जाता था। मैनेजर स्टाफ डील पर बात करता था और फिर मालिक पैसे ट्रांसफर के लिए बैंक खाते की डिटेल देता था।
कॉल सेंटर में “AMSR Wealth Creators Pvt. Ltd.” के नाम के ID कार्ड इस्तेमाल हो रहे थे और “AMSR Daily Reporting” नाम का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर रोज की रिपोर्ट और लीड शेयर की जाती थी। कर्मचारियों को सैलरी सिर्फ नकद में दी जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- विशाल कपूर (35 वर्ष) निवासी ग्रेटर फरीदाबाद, हरियाणा – मालिक। कॉल सेंटर चलाने, डेटा सप्लाई और पैसे लेने का मुख्य आरोपी।
- नितिन शर्मा (39 वर्ष) निवासी NIT-II, फरीदाबाद – एडमिन। ग्राहकों की लीड को मैनेज करने और मालिक तक पहुंचाने का काम देखता था।
- गुंजन (23 वर्ष) निवासी द्वारका मोड़, दिल्ली – HR मैनेजर।
- अजय (24 वर्ष) निवासी उत्तम नगर, दिल्ली – असिस्टेंट मैनेजर। 5. भीम (35 वर्ष) निवासी फरीदाबाद, हरियाणा – मैनेजर।
वरिष्ठ अधिकारियों ने की सराहना
पश्चिमी जिला की इस कार्रवाई पर दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री अनुराग कुमार, IPS, स्पेशल CP लॉ एंड ऑर्डर-II श्री नीरज ठाकुर, IPS और जॉइंट CP वेस्टर्न रेंज सुश्री सुमन गोयल, IPS ने टीम के प्रयासों की सराहना की है।
बरामद उपकरणों की जांच, डेटा के सोर्स और बैंक खातों की जांच जारी है।