नई दिल्ली। बाहरी जिला नहीं, एनडीआर/ क्राइम ब्रांच ने हत्या के प्रयास के मामले में भगोड़ा घोषित टक्कर गैंग के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुलाम ख्वाजा उर्फ आले (30), निवासी डाबड़ी के रूप में हुई है। आरोपी पहले से 11 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
डीसीपी क्राइम ब्रांच गौरव गुप्ता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना सागरपुर में एफआईआर संख्या 594/2023, धारा 307/34 आईपीसी व 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज था।
क्या था मामला – नवंबर 2023 में रघु नगर में इरफान सट्टे का कारोबार करता था। सट्टे में हारे कुणाल से इरफान ने पैसे मांगे तो कुणाल ने जेल में बंद विक्की उर्फ टक्कर से मदद मांगी। विक्की के इशारे पर गुलाम ख्वाजा ने अपने साथी अमन को पिस्टल देकर 03 दिसंबर 2023 को इरफान पर फायरिंग करवाई थी। गोली इरफान के पैर में लगी थी।
इस मामले में आरोपी को 25 मार्च 2026 को 14 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन अवधि खत्म होने के बाद वह फरार हो गया। कोर्ट ने 05 अगस्त 2026 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
ऐसे पकड़ा गया – एसीपी उमेश बर्थवाल के निर्देशन में इंस्पेक्टर योगेश कुमार व विनोद यादव की टीम, एसआई दीपेंद्र सिंह व हेड कांस्टेबल राजबीर, रामनिवास, परमानंद, कुलदीप व अंचल कुमार की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस व मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया। 01/02 अक्टूबर की रात हेड कांस्टेबल राजबीर के मुखबिर ने बताया कि आरोपी आनंद विहार रेलवे स्टेशन आएगा और वहां से अपने गैंग लीडर विक्की उर्फ टक्कर के सीतापुरी स्थित घर जाएगा। टीम ने आनंद विहार स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2019 में उसके दोस्त गौरव उर्फ काकू की हत्या के बाद वह टक्कर गैंग में शामिल हुआ था और द्वारका, डाबड़ी, उत्तम नगर व हरियाणा के इलाकों में गैंग के लिए काम करता था। आरोपी को बीएनएसएस की धारा 35(1)(D) के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है।