द्वारका जिला की एंटी-बर्गलरी सेल की टीम ने एक सक्रिय सेंधमार मुनचुन उर्फ बंटी पुत्र धीरेंद्र झा, उम्र 24 वर्ष को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 2 लैपटॉप, 1 चार्जर, 1 स्पीकर और 3 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
डीसीपी/द्वारका कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देशानुसार, एंटी-बर्गलरी सेल, द्वारका सक्रिय सेंधमारों और संबंधित मामलों पर कड़ी नजर रखती है।
इन्हीं निर्देशों के तहत इंस्पेक्टर बसंत कुमार, प्रभारी एंटी-बर्गलरी सेल, द्वारका के नेतृत्व में एक अनुभवी पुलिस टीम गठित की गई। टीम में एसआई विनोद नं. 947/D, एचसी अनिल नं. 1702/DW, एचसी कृष्ण नं. 687/DW, और कांस्टेबल आशीष नं. 1854/DW शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी/ऑपरेशंस द्वारका श्री सुभाष मलिक की देखरेख में की गई।
दिनांक 18.06.2026 को महावीर एन्क्लेव, डाबरी, दिल्ली निवासी शिकायतकर्ता ने अपनी दुकान से 2 लैपटॉप, 1 लैपटॉप चार्जर, 1 मोबाइल फोन और 1 ब्लूटूथ स्पीकर की दिनदहाड़े चोरी की शिकायत दर्ज कराई।
इस पर थाना डाबरी, दिल्ली में ई-एफआईआर संख्या 80050419/2026, धारा 305/331(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
उक्त टीम मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता के निवास के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में 18.06.2026 को दोपहर लगभग 3 बजे एक व्यक्ति घटनास्थल के पास संदिग्ध रूप से घूमता दिखा। टीम ने मुखबिरों की मदद से संदिग्ध की पहचान मुनचुन के रूप में की।
टीम ने उसके ज्ञात पते पर छापा मारा, लेकिन वह ताला लगाकर परिवार सहित फरार मिला। सूचना तंत्र को सक्रिय कर टीम ने उसके नए पते पर छापा मारा, पर आरोपी 10 मिनट पहले ही वहां से निकल चुका था। टीम लगातार प्रयास करती रही।
टीम के निरंतर प्रयास रंग लाए जब एचसी कृष्ण के मुखबिर ने महावीर एन्क्लेव क्षेत्र में मुनचुन उर्फ बंटी के चोरी के सामान सहित घूमने की सूचना दी। टीम ने तुरंत मौके पर जाल बिछाया। मुखबिर के इशारे पर मुनचुन उर्फ बंटी को रोका गया। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन सतर्क टीम ने उसे दबोच लिया। उसकी पहचान मुनचुन उर्फ बंटी पुत्र धीरेंद्र झा, उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई।
तलाशी लेने पर उसके पास से दो लैपटॉप, एक चार्जर, एक स्पीकर और तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका जन्म दिल्ली में हुआ। वह सातवीं कक्षा तक पढ़ा, जिसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद वह गलत संगत में पड़कर नशे का आदी हो गया। नशे की लत पूरी करने के लिए उसने अपराध करना शुरू कर दिया।
बालिग होने के बाद वह सेंधमारी के मामले में फिर गिरफ्तार हुआ और तब से घर में चोरी, चोरी और सेंधमारी के 09 मामलों में संलिप्त रहा है।