नई दिल्ली: सेंट्रल जिले की साइबर पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले हाईटेक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जयपुर और मेरठ-गाजियाबाद में एक साथ छापेमारी कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई 88 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर हुई। 19 मई को वेस्ट पटेल नगर निवासी बुजुर्ग का मोबाइल चोरी हो गया था। 21 मई को सिम दोबारा चालू कराने पर पता चला कि उनके केनरा बैंक खाते से 70 हजार रुपये के 3 ट्रांजेक्शन कर लिए गए हैं।
जांच में सामने आया कि यह थ्री-स्टेज रैकेट है। पहला – फोन चोरी, दूसरा – मेरठ-गाजियाबाद से फर्जी खाते, सिम और POS मशीनों की सप्लाई, तीसरा – जयपुर में बैठकर तकनीकी रूप से पैसा निकालना।
ACP सौरभ नरेंद्र के निर्देशन और SHO योगराज दलाल के नेतृत्व में दो टीमें बनाई गईं। जयपुर के झोटवाड़ा में छापा मारकर मुख्य सरगना निखिल सोनी समेत 5 लोगों को पकड़ा, जहां से कॉल सेंटर जैसा सेटअप मिला। वहीं मेरठ-गाजियाबाद से म्यूल अकाउंट सप्लायर अमर जाटव, हर्ष, मोहन और वाशु गिरफ्तार हुए।
पुलिस ने 4 लैपटॉप, 2 टैब, 52 मोबाइल, 145 सिम, 70 डेबिट कार्ड, 13 पासबुक, 6 POS मशीन और 4 लाख रुपये कैश बरामद किया है। इस मॉड्यूल का लिंक NCCRP पोर्टल की 19 शिकायतों से मिला है।
डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल चोरी होते ही तुरंत सिम ब्लॉक कराएं, CEIR पोर्टल www.ceir.gov.in पर IMEI ब्लॉक कराएं और 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।