विशेष संवाददाता चिमन लाल
रोहतक,
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने पर्यावरण संतुलन के मद्देनजर जिला में हरित क्षेत्र को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और कहा कि चिन्ह्ति स्थानों पर अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त आज अपने कैंप कार्यालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होने की वजह से पर्यावरण के दृष्टिकोण से रोहतक का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने सभी पार्कों, सडक़ों व रेल लाइन के साथ पौधारोपण करने के निर्देश दिए। रोहतक लिंक डे्रन पर विशेष फोकस करते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि ड्रेन के किनारों पर योजनाबद्घ तरीके से पौधारोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि डे्रन की वजह से इस क्षेत्र में दुर्गंध का वातावरण बना रहता है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि दुर्गंध एवं पर्यावरणीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वन विभाग और नगर निगम के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण करके ड्रेन के साथ घनी हरित पट्टी विकसित करें ताकि इस क्षेत्र में पर्यावरणीय सुधार के साथ-साथ सौन्दर्यकरण भी किया जा सके।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बैठक में नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों के अधीन उपलब्ध उपयुक्त खाली भूमि को चिन्हित कर वन विभाग को उपलब्ध करवाएं ताकि समन्वय के साथ अधिक से अधिक पौधारोपण का कार्य किया जा सके। उन्होंने शहरी क्षेत्रों के ग्रीन बेल्ट, ग्रामीण क्षेत्रों, नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एवं पंचायतों के अधीन पार्कों एवं खाली भूमि, सडक़ों के किनारे, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए।
बैठक में वन क्षेत्रों की निगरानी, अवैध कटान, अतिक्रमण एवं वन अपराध मामलों की भी समीक्षा की गई। जिला उपायुक्त ने इन मामलों में सतर्कता बनाए रखने तथा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित वन संरक्षण अधिनियम प्रस्तावों की स्थिति की भी समीक्षा की गई और आवश्यक अनुपालना शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान उप वन संरक्षक, रोहतक द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले के कुल वन क्षेत्र, वन क्षेत्रों का श्रेणीवार वर्गीकरण, संचालित वन नर्सरियों की स्थिति, वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए पौधारोपण कार्य तथा वन क्षेत्र में निगरानी एवं गश्त की जानकारी दी गई। बैठक में जिले के वन क्षेत्र, पौधारोपण कार्य, नर्सरियों की स्थिति, वन सुरक्षा, निगरानी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का समापन उप वन संरक्षक, रोहतक द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया, जिन्होंने आश्वस्त किया कि जिला उपायुक्त द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध रूप से पालन किया जाएगा तथा जिले में हरित आवरण बढ़ाने के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा। बैठक में उप वन संरक्षक सुन्दर सिंह साभरिया, जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, आरएफओ सुभाष चंद्र, आरएफओ राकेश कुमार, आईईओ सतीश कुमार, प्लानिंग सहायक पवन कुमार गुप्ता आदि मौजूद थे।