राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के एक कुख्यात और वांटेड अपराधी सुमित राणा उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया है। सुमित नेशनल लेवल के बॉक्सर विकास उर्फ भिंडा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक था और पिछले करीब आठ महीने से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था. पुलिस ने उसे घोषित अपराधी भी घोषित किया हुआ था।
दिल्ली के बाबा हरिदास नगर इलाके में बीते 29 जुलाई 2025 को एक घटना घटित हुई थी। जिसमें स्थानीय लोगों के मुताबिक उस दिन की दोपहर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुमित राणा ने अपने साथियों विकास दहिया उर्फ सोनू ठेकेदार, आकाश गहलोत और कृष्ण के साथ मिलकर बॉक्सर विकास भिंडा को खत्म करने की एक गहरी साजिश रची थी। प्लान के मुताबिक, जैसे ही इन लोगों ने विकास भिंडा को रास्ते में देखा, मुख्य शूटर विकास दहिया ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. हमला इतना अचानक और घातक था कि नेशनल लेवल बॉक्सर विकास भिंडा को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह हत्या किसी मामूली विवाद का नतीजा नहीं थी. इसके पीछे पुरानी रंजिश और इलाके में अपना दबदबा कायम करने की खौफनाक मंशा थी आरोपी अपनी धाक जमाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे और इसी गैंगस्टर संस्कृति के चलते एक उभरते हुए खिलाड़ी की जान ले ली गई।
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सबसे पहले आकाश गहलोत को गिरफ्तार किया था। हालांकि, सुमित राणा और गैंग लीडर विकास दहिया फरार होने में सफल रहे थे। लगातार ठिकाने बदलने के कारण कोर्ट ने इन्हें घोषित अपराधी करार दे दिया था। इसी साल अप्रैल 2026 में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना विकास दहिया को धर दबोचा था. उस वक्त सुमित राणा एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था. लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम लगातार उसके पीछे लगी हुई थी. तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आखिरकार क्राइम ब्रांच ने सुमित राणा उर्फ छोटू को चारों तरफ से घेर लिया और उसे गिरफ्तार करने में सफलता पाई।