नई दिल्ली: आज के दौर में जहां एक ओर गाय को “गौमाता” कहकर सम्मान देने की बातें खूब होती हैं वहीं दूसरी ओर सड़कों पर घूमती असहाय गायों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है विशेषकर बल्लीमारान विधानसभा के अंतर्गत आने वाले रामनगर वार्ड 80 में लंबे समय से यह दृश्य आम था कि गायें पेट भरने के लिए कूड़े के ढेरों में भोजन तलाशती नजर आती थीं कई बार वे प्लास्टिक और अन्य हानिकारक वस्तुएं भी निगल जाती थीं जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते थे
समस्या केवल भोजन तक सीमित नहीं थी भीषण गर्मी के दिनों में इन बेसहारा पशुओं को स्वच्छ पेयजल भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता था ऐसे में क्षेत्र के कुछ जागरूक युवाओं ने आगे आकर एक ऐसी पहल की है जो समाज के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन सकती है
युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी
रामनगर वार्ड 80 के नवयुवकों की एक टीम ने क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बड़े प्लास्टिक के टब रखवाए हैं इनमें से एक टब में स्थानीय लोगों से गायों के लिए रोटी, हरी सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री डालने का अनुरोध किया गया है जबकि दूसरे टब में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल व्यवस्था बनाकर छोड़ नहीं दिया गया बल्कि इन टबों की प्रतिदिन सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी भी तय की गई है ताकि स्वच्छता बनी रहे और गायों को सुरक्षित भोजन व पानी मिल सके
गौसेवा केवल शब्दों से नहीं कर्मों से होती है
आज अक्सर देखने में आता है कि कई पशुपालक दूध निकालने के बाद गायों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं भरपेट भोजन न मिलने के कारण वे कूड़े के ढेरों में भोजन खोजने को मजबूर हो जाती हैं यह स्थिति न केवल पशु क्रूरता का उदाहरण है बल्कि हमारी सामाजिक संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है
रामनगर के युवाओं की यह पहल बताती है कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति थोड़ा-सा दायित्व निभाए तो बेसहारा पशुओं की दुर्दशा को काफी हद तक कम किया जा सकता है
क्या कहते हैं युवा समाजसेवी?
इस व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे मोहित चावला का कहना है कि
अक्सर गायों को कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते देखकर मन व्यथित हो जाता था हमने सोचा कि केवल चर्चा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा इसलिए क्षेत्र के युवाओं ने मिलकर यह छोटी-सी पहल शुरू की है हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इसमें सहयोग करें और गायों को स्वच्छ भोजन एवं पानी उपलब्ध हो सके
वहीं विशाल ठाकुर ने कहा
“गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है यदि हम अपने आसपास रहने वाले पशुओं की मूलभूत आवश्यकताओं का ध्यान रख सकें तो यह समाज के लिए एक बड़ी सेवा होगी। हमें खुशी है कि क्षेत्र के लोग भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं
अनुकरणीय है यह पहल
रामनगर वार्ड 80 के युवाओं द्वारा शुरू किया गया यह अभियान न केवल गौसेवा का उदाहरण है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का भी उत्कृष्ट संदेश देता है आवश्यकता है कि ऐसे प्रयास अन्य क्षेत्रों में भी शुरू हों ताकि सड़कों पर भटक रही गायों को कूड़े के ढेरों में भोजन तलाशने और पानी के लिए भटकने की मजबूरी से मुक्ति मिल सके
वास्तव में सेवा की शुरुआत बड़े संसाधनों से नहीं बल्कि संवेदनशील सोच और दृढ़ संकल्प से होती है और रामनगर के युवाओं ने इसे सिद्ध कर दिखाया है
-ललित भसोढ़
-बातें कही अनकही दिल्ली