नई दिल्ली: पुलिस कर्मियों के कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सेंट्रल जिला पुलिस ने एक मजबूत और सक्रिय प्रशासनिक शिकायत निवारण तंत्र की शुरुआत की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सेवा संबंधी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और घर-द्वार पर समाधान करना है।
रोहित राजवीर सिंह,पुलिस उपायुक्त, मध्य जिला के निर्देश पर अब प्रशासन और लेखा शाखा के अधिकारी जिले के हर थाने व यूनिट का निर्धारित पाक्षिक दौरा करेंगे। अब पुलिस कर्मियों को अपनी शिकायतों के लिए कई दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रशासन खुद उन तक पहुंचकर वेतन, लेखा, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पेंशन, जांच बिल और अन्य सेवा मामलों का तुरंत निपटारा करेगा।
सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए इंस्पेक्टर (प्रशासन) और एकाउंटेंट, सेंट्रल जिला द्वारा विस्तृत रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिससे हर थाने और यूनिट में बिना किसी अपवाद के नियमित दौरे हों।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रत्येक दौरा करने वाली टीम डेली डायरी (DD) में अपनी एंट्री दर्ज करेगी, जिसमें प्राप्त शिकायतें, शुरू की गई कार्रवाई और निपटाए गए मामलों का ब्यौरा होगा। साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ACP/HQ के माध्यम से एडिशनल DCP-II को सौंपी जाएगी, जबकि पाक्षिक अनुपालन रिपोर्ट गहन निगरानी व समीक्षा के लिए DCP, सेंट्रल जिला के समक्ष रखी जाएगी।
यह पहल नेतृत्व की एक उत्तरदायी, जवाबदेह और कल्याण-उन्मुख पुलिस प्रशासन बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां हर अधिकारी व कर्मचारी को समय पर संस्थागत सहयोग मिले। शिकायत निवारण को पुलिस कर्मियों के द्वार तक ले जाकर सेंट्रल जिले का लक्ष्य देरी को कम करना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार और कर्मियों के मनोबल व कल्याण को बढ़ाना है। इन निर्देशों के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।