नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026
दिल्ली को और सुरक्षित बनाने के माननीय उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के विजन के तहत शिक्षा निदेशालय (DoE), एससीईआरटी और दिल्ली पुलिस के संयुक्त प्रयास से बाल सुरक्षा माह पहल का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य राजधानी के शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को मजबूत करना है।
दो-दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ToT)
इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने पुलिस मुख्यालय, दिल्ली के आदर्श ऑडिटोरियम में शिक्षकों के लिए दो-दिवसीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में संचालित किया गया, जिससे शिक्षक फिजिकल और वर्चुअल दोनों माध्यमों से इसमें शामिल हो सके।
कार्यक्रम को चार बैच में बांटा गया है। प्रत्येक बैच के लिए आधे दिन का प्रशिक्षण सत्र रखा गया है। इन सत्रों का मकसद शिक्षकों में जागरूकता बढ़ाना, उनकी क्षमता का निर्माण करना और शैक्षणिक संस्थानों में बाल संरक्षण के लिए संस्थागत तैयारियों को मजबूत करना है।
इस प्रशिक्षण शिविर में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देशों का अवलोकन किया।गया। स्कूल सुरक्षा और संरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश निर्धारितकिएगए। साइबर सुरक्षा और जागरूकता से अवगत कराया गया। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), 2012 का अवलोकन किया गया। शिक्षा निदेशालय के तहत POCSO अधिनियम का क्रियान्वयन किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों और अन्य हितधारकों में जागरूकता बढ़ाने, बाल-मित्र प्रथाओं को बढ़ावा देने और शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के तंत्र को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
यह कार्यक्रम डीसीपी/एसपीयूडब्ल्यूएसी सुश्री नेहा यादव की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने और स्कूलों में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।
यह संयुक्त पहल दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी की बाल संरक्षण प्रणालियों को मजबूत करने तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों में सुरक्षा, जागरूकता और जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।