नई दिल्ली, 11 जुलाई। राजधानी दिल्ली में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त का सबसे जुगाड़ू तरीका माना जाने वाला जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) का खेल अब खत्म होने जा रहा है। दिल्ली सरकार फर्जीवाड़े और स्टांप ड्यूटी चोरी पर लगाम लगाने के लिए GPA के जरिए मकान-दुकान की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार सरकार इस संबंध में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। प्रस्ताव के मुताबिक अगर यह नियम लागू होता है, तो GPA के जरिए केवल परिवार के सदस्यों – खून के रिश्ते वालों को ही संपत्ति का अधिकार दिया जा सकेगा। किसी तीसरे व्यक्ति या बाहरी खरीदार को मकान बेचने के लिए पूरी कीमत पर रजिस्ट्री कराना और स्टांप ड्यूटी देना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि अब तक लोग रजिस्ट्री के भारी खर्च से बचने के लिए 50 से 100 रुपये के स्टांप पर पावर ऑफ अटॉर्नी कराकर करोड़ों की प्रॉपर्टी का सौदा कर लेते थे। इसी वजह से एक ही मकान के कई GPA और फर्जीवाड़े के मामले लगातार बढ़ रहे थे। सुप्रीम कोर्ट भी पहले ही साफ कर चुका है कि पावर ऑफ अटॉर्नी से मालिकाना हक नहीं मिलता। सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रॉपर्टी बाजार में पारदर्शिता आएगी और अवैध कॉलोनियों में चल रहे GPA के धंधे पर पूरी तरह रोक लगेगी।