नई दिल्ली, 23 जुलाई। राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर छावनी में तब्दील हो गई है। केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है। इन सभी कंपनियों को पश्चिम बंगाल से एयरलिफ्ट कर लाया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने मंगलवार देर रात यह आदेश जारी किया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता में तैनात ये 20 कंपनियां बुधवार सुबह से दिल्ली पहुंचनी शुरू हो गई हैं। एक कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं, यानी करीब दो हजार अतिरिक्त जवान राजधानी की सुरक्षा में लगेंगे।
क्यों लिया गया फैसला?
सूत्रों ने बताया कि इस तैनाती के पीछे तीन बड़े कारण हैं –
- CJP का उग्र आंदोलन – NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन लगातार उग्र हो रहा है। रविवार को हुए लाठीचार्ज और झड़पों के बाद हालात तनावपूर्ण हैं। 2. मानसून सत्र – 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, जिसे देखते हुए लुटियंस दिल्ली की सुरक्षा बढ़ाना जरूरी था। 3. विपक्षी दलों के प्रदर्शन – विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए अतिरिक्त बल की जरूरत महसूस की गई।
पहले से ही तैनात हैं 30 कंपनियां
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र पहले ही दिल्ली पुलिस को CRPF और उसकी दंगा-रोधी विशेष यूनिट रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 30 कंपनियां दे चुका है। 20 नई कंपनियों के आने के बाद राजधानी में केंद्रीय बलों की संख्या 50 कंपनियों से अधिक हो जाएगी।
नई टुकड़ियों को नई दिल्ली जिले, मध्य दिल्ली, जंतर-मंतर, संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास के आसपास तैनात किया जाएगा। कई इलाकों में बैरिकेडिंग और गहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है।
बंगाल से क्यों बुलाई गईं कंपनियां?
ये वही कंपनियां हैं जो कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तैनात की गई थीं। चुनाव के बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर इन्हें वहीं रोक लिया गया था। अब केंद्र ने इन्हें तुरंत दिल्ली भेजने का फैसला किया है।