ये तो भारतीय पुलिस का सबसे पसंदीदा बहाना बन गया है – मालखाने से माल गायब और इल्जाम बेचारे चूहों पर।
क्षेत्रीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मथुरा वाले नशेड़ी चूहे – सबसे वायरल केस। यूपी पुलिस ने कोर्ट में बड़े ही भोलेपन से कहा कि मालखाने में रखा 581 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 60 लाख थी, चूहे खा गए। जज साहब भी सुनकर हैरान रह गए और बोले – पहले इन चूहों के आतंक से निपटो, फिर सबूत लाओ कि सच में चूहों ने ही खाया है।
बिहार वाले बेवड़े चूहे – बिहार में तो शराबबंदी है, पर चूहों पर लागू नहीं होती शायद। कैमूर जिले में आबकारी विभाग के स्टोर से 200 बीयर के कैन गायब मिले, सब में छोटे-छोटे छेद। अफसरों ने गंभीरता से बयान दिया – “ये चूहों का ही काम लगता है”। 2017 में तो पटना में लाखों लीटर शराब गायब होने पर भी यही कहा गया था।
झारखंड वाले करोड़पति चूहे – यहाँ तो लेवल और हाई है। धनबाद में 10 किलो गांजा और 9 किलो भांग चूहे चट कर गए। एक और केस में तो रांची में 200 किलो गांजा, कीमत 1 करोड़ से ज्यादा, चूहों ने अपना घोंसला बनाने के लिए इस्तेमाल कर लिया बताया गया। कोर्ट ने इसी वजह से आरोपी को बरी भी कर दिया क्योंकि सबूत ही नहीं बचा।
और लिस्ट लंबी है – एटा में 1400 कार्टन शराब, बरेली में हजारों लीटर शराब – सब चूहे पी गए।
वैज्ञानिक तो कहते हैं चूहे इतनी शराब पी ही नहीं सकते, उन्हें तेज़ अल्कोहल से नफरत होती है। पर हमारे मालखाने के चूहे तो ‘एलीट’ प्रजाति के हैं, इन्हें महंगी अंग्रेजी शराब और लाखों का गांजा ही पसंद है।
इसी वजह से इंटरनेट पर तो इनकी मीम्स की बाढ़ है – कोई हथकड़ी पहने चूहे की फोटो डालता है, कोई पूछता है इन नशेड़ी चूहों को गिरफ्तार क्यों नहीं करते।