नई दिल्ली, 30 सितंबर। दिल्ली पुलिस के पश्चिम जिले की AATS टीम ने अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में “Veptra” के नाम से चल रहे इस सेंटर से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें सेंटर का मालिक और उसका पार्टनर भी शामिल हैं।
हरकेश्वर वी स्वामी डीसीपी वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के अनुसार, 25 सितंबर को SI गजेन्द्र माथुर को सूचना मिली थी कि B-68/1B, तीसरी मंजिल, नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया से अंतरराष्ट्रीय टेक-सपोर्ट फ्रॉड चल रहा है। ACP ऑपरेशन्स राजेश कुमार और DCP पश्चिम जिले हरेवर वी. स्वामी के निर्देशन में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार की टीम ने छापा मारा। मौके पर आरोपी लैपटॉप-हेडफोन लगाकर फर्जी अंग्रेजी नामों से अमेरिका में लोगों से बात करते मिले।
आरोपी टोल-फ्री नंबरों से अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर खुद को एप्पल/iOS टेक्निकल सपोर्ट बताते थे। सिस्टम में वायरस, मालवेयर या अश्लील कंटेंट होने का डर दिखाकर गिफ्ट कार्ड खरीदने को कहते और फिर उसका कोड लेकर ठगी करते थे। जब्त लैपटॉप में Eyebeam, UltraViewer, AnyDesk जैसे सॉफ्टवेयर मिले हैं।
इस संबंध में थाना नारायणा में FIR No. 279/2026 दिनांक 26.09.2026, धारा 318(4)/319(2)/61(2)/3(5) BNS व 66D IT एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों के पास से 5 लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन, 2 राउटर, 6 हेडफोन, 10 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 5 चेक बुक और एक Audi A3 कार।
गिरफ्तार आरोपियों में अरुण (29) निवासी ककरौला – मालिक , सलीम (28) निवासी ककरौला – पार्टनर , निखिल (30) निवासी ककरौला , मोंटू सिंह (34) निवासी पीतमपुरा , तनिलो (26) निवासी किशनगढ़ , करण (28) निवासी उत्तम नगर और विशाल (29) निवासी सागरपुर शामिल है।
पुलिस टोल-फ्री नंबरों के सोर्स, गिफ्ट कार्ड ट्रांजेक्शन और मनी ट्रेल की जांच कर रही है।