नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026 – दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP स्टेज-1 लागू होने के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आज एक अहम अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की।
यह बैठक स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) श्री अजय चौधरी, IPS की अध्यक्षता में हुई। इसमें पड़ोसी राज्यों और जिलों के संबंधित विभागों, नागरिक एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में मुख्य बिंदु:
- सख्त अनुपालन पर जोर: बैठक में कहा गया कि CAQM के निर्देशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर और समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी एजेंसियों के बीच रीयल-टाइम समन्वय, निर्देशों को साझा करने और कार्रवाई की निगरानी के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का फैसला किया गया।
- नॉन-कम्प्लायंट बसों पर रोक: दिल्ली-NCR में बाहर से आने वाली नॉन-कम्प्लायंट अंतर-शहरी और अंतर-राज्यीय बसों के प्रवेश को रोकने पर विशेष जोर दिया गया। तय किया गया कि ऐसी बसों को बॉर्डर पर ही डायवर्ट किया जाए, क्योंकि दिल्ली में प्रवेश के बाद उन्हें डायवर्ट करने से जाम और प्रदूषण दोनों बढ़ता है। निर्देशों के अनुसार, केवल EV, CNG और BS-VI डीजल बसों को ही निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति होगी।
- बाहरी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध: 01.11.2026 से 31.01.2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के नियमों की समीक्षा की गई। बॉर्डर पर बड़े-बड़े डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया, जिन पर स्पष्ट लिखा होगा कि निर्धारित उत्सर्जन मानकों को पूरा न करने वाले प्रतिबंधित वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। बॉर्डर पर संयुक्त प्रवर्तन टीमों का भी गठन किया जा सकता है।
- अन्य प्रवर्तन उपाय: बैठक में उन वाहनों का मुद्दा भी उठा जिनकी परिचालन अवधि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में अलग-अलग है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दिल्ली में चलने की वैध अनुमति न रखने वाले वाहनों को प्रवेश न दिया जाए। साथ ही नो-एंट्री टाइमिंग का सख्ती से पालन, नॉन-डेस्टाइंड और ओवरलोडेड वाहनों की जांच, और निर्माण व विध्वंस (C&D) सामग्री ढोने वाले नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने को कहा गया। वाहन मालिकों को वैध PUC सर्टिफिकेट (PUCC) रखने की सलाह दी गई।
नागरिक एजेंसियों से निर्माण कार्यों में तेजी लाने, धूल को कम करने और सड़कों व निर्माण स्थलों पर नियमित रूप से पानी के छिड़काव के लिए कहा गया।
अंत में स्पेशल कमिश्नर श्री अजय चौधरी ने सभी एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए हर हितधारक के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने सभी एजेंसियों को की गई कार्रवाई का उचित दस्तावेजीकरण करने का भी निर्देश दिया।