डीसी ने विभागाध्यक्षों की बैठक में दिए निर्देश, नवाचार व पारदर्शिता पर जोर

विशेष संवाददाता चिमन लाल

संवेदनशील प्रशासन से ही बनती है शासन की छविः डीसी

झज्जर,

उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने शनिवार को जिला सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में विभिन्न विभागाध्यक्षों की बैठक ली और सरकारी योजनाओं व नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। डीसी ने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुगम व पारदर्शी तरीके से पहुँचे। उन्होंने कहा कि आमजन की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जाए। उपायुक्त ने विभागाध्यक्षों को नवाचार व बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यक्षेत्र में ऐसे इनोवेटिव आइडिया लागू करे, जिनसे लोगों तक योजनाओं की जानकारी व लाभ सरलता से पहुँच सके। साथ ही, अधिकारियों को अपने स्टाफ सदस्यों को भी इसी सोच के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
डीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा योजनाओं क्रियान्वयन की सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है और यह सभी की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुँचे। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे फील्ड में रहते हुए जनता के साथ बेहतर व्यवहार करें, क्योंकि अधिकारी ही सरकार का वास्तविक चेहरा होते हैं और उनके व्यवहार से ही शासन की छवि बनती है। बैठक में उपायुक्त ने विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित मामलों की गंभीरता से पैरवी की जाए। उन्होंने कहा कि कानूनी मामलों में अनावश्यक देरी से न केवल आमजन प्रभावित होता है, बल्कि विभागीय संसाधनों का ह्रास होता है। ऐसे में प्रत्येक विभागाध्यक्ष स्वयं निगरानी रखते हुए समय पर जवाब दाखिल करें ताकि आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी विभाग की कोई लापरवाही मिलती है तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। मीटिंग में एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चौकसे, एसडीएम बहादुरगढ़ नसीब कुमार, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, डीएमसी डॉ सुशील कुमार, डीसीपी अमित दहिया (एचपीएस), डीआरओ मनबीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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