अवैध निर्माण नहीं रोका तो अधिकारी जायेंगे जेल: दिल्ली सरकार का अहम फैसला

वरिष्ठ संवाददाता मणि आर्य

सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में फैसला: संपत्ति जब्ती और बैंक अकाउंट होंगे फ्रीज़

सारांश:

दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। अब अगर कोई अधिकारी इसे रोकने में नाकाम रहा तो उसके खिलाफ जेल तक की कार्रवाई होगी।

हौजरानी में अवैध होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत 2 साल तक की सजा और जुर्माना लगेगा। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई होगी। सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई दोषी अधिकारियों के वेतन, पेंशन और संपत्ति से की जाएगी। बिल्डर और बिल्डिंग मालिकों की संपत्ति भी जब्त होगी।

अब जिला मजिस्ट्रेट को ज्यादा अधिकार मिलेंगे। वह किसी भी विभाग के अधिकारी पर सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई, FIR दर्ज करने और छुट्टी मंजूर/रद्द करने का आदेश दे सकेंगे। लापरवाह अधिकारियों की ACR में नेगेटिव एंट्री होगी जिससे उनका करियर प्रभावित होगा।

इसके अलावा आग लगने की सूचना से लेकर दमकल के पहुंचने तक का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, हर 3 महीने में ड्रोन-सैटेलाइट से निर्माण का सर्वे होगा, और शिकायतों के लिए अलग ऑनलाइन पोर्टल बनेगा।

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