पेपर लीक पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन

न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा को विशेष जज नियुक्त किया, सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के मामलों की होगी त्वरित सुनवाई

नई दिल्ली, 23 जुलाई।

सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने बड़ा कदम उठाया है। उच्च न्यायालय ने जिला न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा को पेपर लीक और अनुचित साधनों से जुड़े आपराधिक मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश (Special Judge) के रूप में नामित किया है।

उच्च न्यायालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, प्रश्नपत्रों की बिक्री, सॉल्वर गैंग और अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े सभी आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगी।

क्या होगा फायदा?

  1. ऐसे संवेदनशील मामलों में अब रोजाना के आधार पर सुनवाई हो सकेगी।
  2. . लंबे समय से लंबित पेपर लीक मामलों का त्वरित निस्तारण होगा।
  3. . छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले संगठित गिरोहों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
  4. गौरतलब है कि हाल के दिनों में NEET, UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के बाद देशभर में छात्रों में भारी आक्रोश है। केंद्र सरकार द्वारा भी आज ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की गई है। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।

न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा एक वरिष्ठ और अनुभवी न्यायिक अधिकारी हैं और वर्तमान में राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स में पदस्थ हैं।

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