नई दिल्ली: महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए मध्य जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन शिष्टाचार’ के तहत महिला-केंद्रित जनसंपर्क और सुरक्षा उपायों को तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत बाजारों, पार्कों, सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पुलिस उपायुक्त (मध्य जिला) रोहित राजबीर सिंह, आईपीएस के नेतृत्व में एसीपी, एसएचओ और पुलिस टीमों ने सीधे महिलाओं, छात्राओं, निवासियों और दुकानदारों से संवाद कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को समझा।
अभियान की मुख्य बातें:
राजेंद्र नगर में 100 से अधिक UPSC अभ्यर्थियों से संवाद: एसीपी करोल बाग ने सिंधी पार्क, राजेंद्र नगर में 100 से अधिक यूपीएससी अभ्यर्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई और उनकी शिकायतें सुनी गईं।
PG में रहने वाली छात्राओं से मुलाकात: पुलिस टीमों ने छात्राओं के पीजी और अन्य रिहायशी आवासों का दौरा कर वहां रहने वाली महिलाओं से सीधा संवाद किया और उनकी सुरक्षा चिंताओं पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
RWA-MWA के साथ बैठक: अजमल खान पार्क में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन (MWA) के 50 से अधिक सदस्यों के साथ बैठक की गई। बैठक में स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
‘आंख और कान’ नेटवर्क मजबूत: पुलिस ने अपने ‘आईज एंड ईयर्स’ नेटवर्क को और मजबूत किया है। नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि, छेड़छाड़ या मदद की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही संवेदनशील, एकांत और भीड़-भाड़ वाले स्थानों – जैसे सेंट्रल पार्क, आरामबाग, तेसू पार्क, दुर्गा पूजा पार्क और मोतिया खान रोड स्थित सेंट्रल पार्क में निरोधात्मक गश्त और एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई भी की जा रही है।
मध्य जिला पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन शिष्टाचार के माध्यम से निरंतर जनसंपर्क, सीधे सामुदायिक जुड़ाव और त्वरित पुलिस सहायता के जरिए महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने और उनमें विश्वास बढ़ाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।