पहली बार बंगाल में कमल खिला है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय से कहा कि इस जीत का लंबे वक्त से इंतजार था। अब बंगाल में भय का नहीं भरोसे का राज होगा. इसके साथ ही अब वो वक्त भी आ गया है जब बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री शपथ लेने वाला है. जी हां बीजेपी ने पहले ही साफ कर दिया था कि बंगाल में बंगाल की संतान ही शपथ लेगी. ऐसे में पश्चिम बंगाल में बीजेपी के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख से लेकर समय तक सबकुछ साफ हो गया है।
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, 9 मई को सुबह 10 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा. इसी दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती भी है, जिसके चलते इस तारीख को खास महत्व दिया जा रहा है।
राज्यपाल सीवी आनंदा बोस नई सरकार के मुख्यमंत्री मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. यह समारोह भव्य स्तर पर आयोजित होने जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक आम जनता के शामिल होने की संभावना है।
इस बार के चुनाव परिणामों के बाद बीजेपी पहली बार पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने जा रही है. ऐसे में यह शपथ ग्रहण समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक भी माना जा रहा है।विधानसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग ने नई विधानसभा के गठन के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. यह अधिसूचना राज्यपाल को भेजी जा चुकी है, जिससे सरकार गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
हालांकि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है. पार्टी के भीतर मंथन जारी है जल्द ही विधायक दल की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस बैठक में सभी नवनिर्वाचित विधायकों की राय अहम होगी. बताया जा रहा है कि इस शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह समेत बीजेपी शासित राज्यों के सीएम शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के चयन के लिए पार्टी ने अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. उनके साथ मोहन चरण मांझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है. दोनों नेता कोलकाता पहुंचकर विधायकों के साथ बैठक करेंगे नेतृत्व के नाम पर अंतिम सहमति बनाएंगे।