नई दिल्ली। 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने क्या कहा?
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया है।अन्य दोषियों में अनस, कासिम, नाजिम और जावेद शामिल हैं, जिन्हें हत्या (आईपीसी धारा 302) और दंगा भड़काने समेत गंभीर धाराओं में दोषी माना गया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि ताहिर हुसैन उस गैर-कानूनी भीड़ का हिस्सा थे, जो “हिंदुओं के प्रति नफ़रत” के साथ इकट्ठा हुई थी और जिसका मकसद दंगा, आगजनी और लूटपाट था।
बताया गया कि 11 आरोपियों में से 5 को हत्या का दोषी माना गया, जबकि 6 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
घटना की पृष्ठभूमि
25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। अगले दिन उनका शव खजूरी खास की पुलिया (चांदबाग) के पास एक नाले से बरामद हुआ था।
पुलिस की चार्जशीट में दावा किया गया था कि अंकित पर 51 बार चाकू से वार किया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैसला सुनते ही ताहिर हुसैन कोर्ट परिसर में ही फूट-फूटकर रो पड़ा।