नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास थाने से जुड़ा कथित वसूली का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है। इस मामले में एक सब-इंस्पेक्टर और एक सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि थाने के SHO को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, थाने में तैनात SI शुभम और सिपाही कपिल पर आरोप है कि उन्होंने एक कथित ड्रग्स पेडलर को हिरासत में लेने के बाद उसे छोड़ने के एवज में उसके परिवार से मोटी रकम की मांग की। आरोप है कि NDPS जैसे गंभीर मामले में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये से ज्यादा की वसूली का दबाव बनाया गया।
बताया जा रहा है कि लेन-देन के लिए परिजनों को तिमारपुर इलाके में भी बुलाया गया। पैसों की मांग लगातार जारी रहने पर मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।
जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ BNS की धारा 308(6) और 127(7) के तहत FIR दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद जमानत पर छोड़ा गया है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण में लापरवाही और निगरानी में चूक मानते हुए खजूरी खास थाने के SHO को लाइन हाजिर कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर भी जांच जारी है।
पुलिस पर ही जबरन वसूली के आरोप लगने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच में यह सामने आता है कि वसूली की यह योजना कैसे बनी, इसमें और कौन शामिल था और थाने के स्तर पर इसकी जानकारी किस-किस को थी।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के अधीन है और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक किसी को भी दोषी नहीं माना जा सकता।