नई दिल्ली। उत्तर जिला साइबर थाने की पुलिस ने संगठित सेक्सटॉर्शन साइबर-फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना इमरान खान भी शामिल है।
डीसीपी नॉर्थ निहारिका भट्ट (IPS) ने बताया कि आरोपियों ने गुरुद्वारे के सेवादार मनजीत सिंह को अपना शिकार बनाया था। पहले व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो कॉल कर रिकॉर्डिंग की, फिर खुद को गुड़गांव पुलिस और यूट्यूब का अधिकारी बताकर धमकाया कि वीडियो वायरल हो गया है और FIR दर्ज हो गई है। वीडियो हटाने और FIR से नाम हटाने के नाम पर 11 सितंबर से 27 सितंबर 2025 के बीच उनसे 14 लाख 63 हजार 999 रुपये ठग लिए। पीड़ित ने बाद में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की।
पुलिस ने करीब 100 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और IMEI की तकनीकी निगरानी की। लोकेशन राजस्थान के डीग जिले के गांव कलतरिया और मेवात क्षेत्र में मिली। पैसों की लेयरिंग कई म्यूल अकाउंट से की गई थी।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम अलवर और लुधियाना के अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी। इन खातों में अब तक 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन और देश के विभिन्न राज्यों की 15 साइबर ठगी शिकायतें लिंक मिली हैं।
इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें इमरान खान (28) – निवासी जुरहेरा, डीग, राजस्थान – मुख्य आरोपी है, फर्जी सिम, फोन और म्यूल अकाउंट का इंतजाम करता था। दूसरा समद खान (32) – निवासी लुधियाना, पंजाब का रहने वाला है, तीसरा तस्लीम राजा (32) – निवासी लुधियाना, पंजाब का ही है और चौथा अंकित सैन – निवासी अलवर, राजस्थान का रहने वाला है।
गिरोह “Friends Search” ऐप से शिकार ढूंढता था। एक फोन पर पहले से रिकॉर्डेड अश्लील वीडियो चलाकर दूसरे फोन से वीडियो कॉल करते और कॉल रिकॉर्ड कर लेते। फिर दूसरा साथी यासिर खुद को पुलिस अफसर बताकर गिरफ्तारी और बदनामी की धमकी देकर वसूली करता था। PUBG गेम के जरिए भी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में आए थे।
पुलिस टीम का नेतृत्व SI सुमित कुमार ने किया, जिसमें HC रामकिशन और Ct. मोहिन अली शामिल थे। टीम की निगरानी SHO साइबर इंस्पेक्टर रोहित गहलोत, ACP ऑपरेशंस विशेष धत्तरवाल और Addl. DCP राम दुलेश मीणा कर रहे थे।
पुलिस ने मौके से 3 मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए हैं। फरार आरोपियों की तलाश और मनी ट्रेल की जांच जारी है।