दिल्ली पुलिस के बाल सुरक्षा जागरूकता माह के तहत शिक्षकों और बच्चों के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रमदो दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण संपन्न, 1509 शिक्षकों को मिली ट्रेनिंग, 3500 से अधिक को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण

नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026: दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर शुरू हुए ‘बाल सुरक्षा जागरूकता माह’ के तहत गुरुवार को दो दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण (ToT) कार्यक्रम का समापन हुआ।

दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई एसपीयूडब्ल्यूएसी (SPUWAC) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 1000 सरकारी स्कूलों के 1509 शिक्षकों को फिजिकल मोड में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया। अन्य स्कूलों के शिक्षकों को ऑनलाइन मोड से जोड़ा गया। ये मास्टर ट्रेनर अब अपने स्कूलों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जो आगे बच्चों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाएंगे।

सप्ताहांत पर माता-पिता के साथ गतिविधि, सोमवार को क्लास में चर्चा
एसपीयूडब्ल्यूएसी ने बच्चों की सुरक्षा के लिए सप्ताहांत गतिविधियों का विशेष रिसोर्स मटेरियल तैयार किया है। इसके तहत बच्चे हर सप्ताहांत अपने माता-पिता के साथ सुरक्षा संबंधी विषयों पर चर्चा करेंगे और सोमवार को कक्षा में समूह चर्चा आयोजित होगी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह पहल बच्चों के विकास से जुड़े सभी हितधारकों तक पहुंच बनाने के लिए डिजाइन की गई है।

डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण, एक भी कागज बर्बाद नहीं
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को दिल्ली शिक्षा विभाग द्वारा हाल में जारी महत्वपूर्ण सर्कुलर और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। साथ ही जिला स्तर पर गठित विशेष समितियों द्वारा अपनाई जाने वाली चेकलिस्ट से भी अवगत कराया गया। ये समितियां शिक्षा विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियों के सहयोग से अगले सप्ताह से स्कूलों का भौतिक निरीक्षण शुरू करेंगी।

डिजिटल युग की तकनीकों को अपनाते हुए पूरा प्रशिक्षण, रिसोर्स मटेरियल, फीडबैक और संचार प्रणाली पेपरलेस रखी गई। साप्ताहिक सामग्री और जानकारी भी डिजिटल माध्यम से साझा की जाएगी।

3500 से अधिक को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग, कर्तव्य पथ पर जागरूकता कार्यक्रम
गुरुवार को ही दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, जहां 3500 से अधिक प्रतिभागियों को व्यावहारिक आत्मरक्षा तकनीकें सिखाई गईं।

शाम को इंडिया गेट स्थित कर्तव्य पथ पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें लगभग 250 दर्शकों के सामने आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। दिल्ली पुलिस महिला पाइप एंड ब्रास बैंड ने प्रस्तुति दी और जन संपर्क वाहन के माध्यम से बाल सुरक्षा पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।

डीसीपी/एसपीयूडब्ल्यूएसी, दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस बाल सुरक्षा को लेकर निरंतर जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के लिए प्रतिबद्ध है। पूरे बाल सुरक्षा जागरूकता माह के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में बाल संरक्षण को मजबूत करने के लिए कई कार्यक्रम और आउटरीच गतिविधियां जारी रहेंगी।

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