नई दिल्ली, 02 अगस्त 2026
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 15 साल से फरार चल रहे एक कुख्यात हत्यारोपी को गिरफ्तार कर सनसनीखेज लूट-सह-हत्या के मामले का आखिरकार पटाक्षेप कर दिया है। पकड़े गए आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
केंद्रीय रेंज की टीम को मिली सफलता
पुलिस उपायुक्त, क्राइम ब्रांच-II हर्ष इंदौरा ने बताया कि सेंट्रल रेंज, क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी नौशाद उर्फ लड्डू उर्फ मोहम्मद कमरे आलम (उम्र 37 वर्ष) निवासी जिला सहरसा, बिहार को शास्त्री पार्क फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले 15 साल से लगातार अपने ठिकाने बदल कर और पहचान छिपा कर पुलिस को चकमा दे रहा था।
इसे पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में एसआई रितेश, एसआई दिनेश, हेड कांस्टेबल बिजेंद्र सिंह, गौरव, हरेंद्र और अंकुर की विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने लंबे समय तक तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए आरोपी को ट्रैक किया। 1 अगस्त को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी शास्त्री पार्क आने वाला है, जिसके बाद जाल बिछाकर उसे दबोच लिया गया। इस ऑपरेशन की निगरानी एसीपी सतेन्द्र मोहन ने की।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 6 मार्च 2011 का है। थाना शकरपुर में FIR No. 98/2011 धारा 302 IPC के तहत दर्ज हुई थी। लक्ष्मी नगर के मंगल बाजार रोड पर कमीशन एजेंट अतुल जैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अतुल जैन गांधी नगर मार्केट में आढ़त का काम करते थे और रोजाना की तरह उस दिन भी 8.50 लाख रुपये का कैश बैग लेकर घर लौट रहे थे।
जांच में सामने आया कि अरशद के इशारे पर भूरा उर्फ मुस्तकीन, नदीम उर्फ नड्डा, नौशाद उर्फ लड्डू और जाकी अनवर ने लूट की साजिश रची थी। आरोपियों ने अतुल जैन को घेरकर कैश लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर भूरा और नौशाद ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और 8.50 लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घायल अतुल को डॉ. हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में इस केस में धारा 397/411/120-बी/34 IPC जोड़ी गई थी।
इस मामले में चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था, जिन्हें माननीय अदालत ने सजा भी सुना दी थी। लेकिन नौशाद उर्फ लड्डू तभी से फरार था।
फेरी लगाकर बेचता था पुराने कपड़े
पुलिस के मुताबिक, आरोपी शादीशुदा है और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में सेकेंड हैंड कपड़े बेचकर अपना गुजारा कर रहा था ताकि पुलिस की नजर में न आए।
डीसीपी ने बताया कि इस गिरफ्तारी के साथ ही इस जघन्य हत्याकांड के सभी आरोपी कानून के शिकंजे में आ गए हैं। आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है।