नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को सस्ते कमरे का झांसा देकर लूटने वाले गिरोह के चौथे और आखिरी आरोपी को पहाड़गंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान समीर आलम (25), निवासी ठाकुरगंज, किशनगंज, बिहार के रूप में हुई है। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी चार आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।
रोहित राजवीर सिंह आईपीएस डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक बीते 3 दिसंबर 2025 को सिक्किम निवासी सेना के एक जवान ने शिकायत दी थी। 2/3 दिसंबर की रात वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पंजाब जाने वाली ट्रेन से पहले होटल ढूंढ रहे थे। आरोपी दलाल समीर आलम ने 600 रुपये में कमरा दिलाने के बहाने उन्हें होटल एवी इंटरनेशनल में भेज दिया।
कमरे में आने के बाद दलाल ने बार-बार महिला की सर्विस का ऑफर दिया, जिसे जवान ने ठुकरा दिया। आरोप है कि इसके बावजूद एक महिला जबरन कमरे में घुसी और इशारा पाकर तीन अन्य लोग कमरे में आ गए। आरोपियों ने जवान को बंधक बनाकर मारपीट की, डराया-धमकाया और Google Pay के जरिए जबरन 7,500 रुपये ट्रांसफर करा लिए। सामान की तलाशी भी ली। चेक-आउट के दौरान होटल मैनेजर को बताने पर उसे भी धमकी दी गई।
इस पर थाना पहाड़गंज में FIR No. 630/2025, धारा 309(4)/3(5)/61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भूपिंदर सिंह SHO पहाड़गंज के नेतृत्व और ACP करोल बाग आशीष कुमार की देखरेख में SI बिजेंद्र सिंह की टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस से 4 दिसंबर 2025 को होटल पर छापा मारकर 3 आरोपियों को पकड़ लिया था जिसमें सोहेल अख्तर (27) , होटल मैनेजर छोटेलाल (35) वेटर और संजय (21) – स्वीपर शामिल थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ था कि गैंग रेलवे स्टेशन से यात्रियों को लाकर सस्ते कमरे के नाम पर फंसाता था और फिर महिला के बहाने वसूली करता था।
8 महीने बाद फरार दलाल पकड़ा गया:-
मुख्य आरोपी दलाल समीर आलम तभी से फरार था। 29 जुलाई 2026 को SI साहिल की टीम को गुप्त सूचना मिली और छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया।
पुलिस के अनुसार, समीर ही वह दलाल था जो शिकार की तलाश कर होटल तक लाता था। पुलिस अब गैंग के अन्य साथियों और इसी तरह की अन्य वारदातों की जांच कर रही है।