नई दिल्ली, 2 अगस्त।
उत्तर-पूर्वी जिले के थाना वेलकम पुलिस ने फर्जी आर्म्स केस का सनसनीखेज खुलासा किया है। एक युवक ने अपनी बहन के देवर से निजी रंजिश के चलते उसके किराए के मकान में चोरी-छिपे तीन देसी पिस्तौल रख दीं और फिर खुद ही “अर्जुन” के फर्जी नाम से पुलिस को सूचना देकर उसे आर्म्स एक्ट में फंसा दिया। पुलिस ने साजिश रचने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर उसके निशानदेही पर दो देसी पिस्तौल बरामद की हैं।
पुलिस उपायुक्त, उत्तर-पूर्वी जिला राहुल अलवाल ने बताया कि 31 जुलाई को थाना वेलकम में दर्ज FIR No. 388/2026, धारा 25 आर्म्स एक्ट की जांच के दौरान SHO इंस्पेक्टर रूपेश कुमार खत्री के नेतृत्व में HC ललित, हरेंद्र, कुलदीप, कांस्टेबल रवि और महिला कांस्टेबल सोनी की टीम ने राजीव कॉलोनी, डीएलएफ बॉर्डर, गाजियाबाद स्थित एक मोबाइल रिपेयर की दुकान से आरोपी मोहम्मद वसीम (28 वर्ष) पुत्र मोहम्मद यासीन, निवासी सुंदर नगरी, दिल्ली को पकड़ा।
शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ पर उसने सारा सच उगल दिया। आरोपी ने बताया कि उसके साले अशरफ (29 वर्ष) पुत्र मोहम्मद जहीर ने उसकी साली से परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली थी। इसी बात से नाराज होकर वह अशरफ से बदला लेना चाहता था।
साजिश के तहत वसीम ने अलग-अलग मौकों पर अशरफ के वेलकम स्थित किराए के मकान में तीन देसी पिस्तौल छिपा दीं और फिर पुलिस को फर्जी नाम से सूचना दे दी। सूचना के आधार पर 16 जुलाई को पुलिस ने अशरफ के घर से एक पिस्तौल बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी वसीम की निशानदेही पर पुलिस टीम मकान मालिक अनवर पुत्र सिकंदर और आरोपी अशरफ की मौजूदगी में फिर से अशरफ के घर पहुंची। वसीम द्वारा बताए गए ठिकानों की तलाशी लेने पर दो और देसी पिस्तौल बरामद हुईं।
ताजा बरामदगी के आधार पर थाना वेलकम में आरोपी वसीम के खिलाफ नई FIR No. 416/2026, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। मामले में आगे की जांच जारी है।