स्पेशल स्टाफ, दक्षिण जिला ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया; लगभग ₹9 करोड़ मूल्य की 8.598 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद, तीन नेपाली नागरिक गिरफ्तार

नशीले पदार्थों की संगठित तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए, स्पेशल स्टाफ दक्षिण जिला ने व्यावसायिक मात्रा में चरस की आपूर्ति में शामिल तीन नेपाली नागरिकों भारत थापा, गोविंद बुधा और ज्योति पुन मगर को गिरफ्तार कर एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इनके कब्जे से अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में लगभग ₹9 करोड़ मूल्य की 8.598 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद की गई। इस मामले में में थाना कोटला मुबारकपुर में एफआईआर संख्या 129/2026 धारा 20/25/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।


अनंत मित्तल डीसीपी साउथ डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक नशा विरोधी अभियान के तहत विशेष गुप्त सूचना मिली कि कोटला मुबारकपुर में रह रहे तीन नेपाली नागरिक दिल्ली-एनसीआर में चरस की आपूर्ति कर रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्पेशल स्टाफ ने निगरानी बढ़ाई और 29.06.2026 को उनके आवास पर छापेमारी की। छापेमारी में 8.598 किलोग्राम चरस बरामद हुई। ज्योति पुन मगर से: 5.566 किलोग्राम , भारत थापा से: 1.552 किलोग्राम और गोविंद बुधा से: 1.480 किलोग्राम चरस बरामद हुई है। तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और जब्ती नियमानुसार की गई।


यह कार्रवाई इंस्पेक्टर अनुज कुमार, प्रभारी स्पेशल स्टाफ के नेतृत्व तथा ऋतुराज, एसीपी/ऑपरेशन्स, दक्षिण जिला के समग्र पर्यवेक्षण में एसआई नवीन, एसआई अमित, एएसआई पदम, एचसी राकेश, एचसी प्रवीण, एचसी मनीष, कांस्टेबल सुरेंद्र और कांस्टेबल खोइचुंग बिल द्वारा की गई।


जांच में सामने आया कि आरोपी ज्योति पुन मगर मुख्य सप्लायर था, जो भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय नेपाल स्थित स्रोत से चरस मंगवाता था। चरस को दिल्ली लाकर भारत थापा और गोविंद बुधा खुदरा ग्राहकों तक पहुंचाते थे।
आरोपी ऑर्डर लेने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते थे और डिजिटल बैंकिंग के जरिए भुगतान लेते थे। सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान और पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए वित्तीय लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

आरोपी सोनौली बॉर्डर (भारत-नेपाल सीमा) से चरस लाते थे और व्हाट्सएप आधारित डिलीवरी नेटवर्क से दिल्ली में सप्लाई करते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए हर लेनदेन के बाद चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर देते थे। डिलीवरी के लिए ऑटो-रिक्शा और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते थे तथा भुगतान डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म से लेते थे।

स्पेशल स्टाफ, दक्षिण जिला के इस खुफिया आधारित अभियान से भारत-नेपाल सीमा और दिल्ली के बीच सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थ तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। बड़ी मात्रा में चरस की बरामदगी और तीन मुख्य तस्करों की गिरफ्तारी से एक बड़ी सप्लाई चेन टूट गई है। नेपाल स्थित सप्लायर की पहचान, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने और पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयास जारी हैं। इस मामले में आगे जांच की जा रही है।

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