नई दिल्ली/जयपुर। सीजेपी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई का मामला लगातार कानूनी पेचीदगियों में उलझता जा रहा है। जमानत मंजूर होने और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद दोनों नेताओं को अब तक जेल से रिहा नहीं किया जा सका है।
सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में रिहाई में अड़चन सुरक्षा बॉन्ड को लेकर आई थी। जमानत की शर्तों के तहत सुरक्षा राशि और जमानती दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर तकनीकी आपत्तियां लगाई गईं, जिसके चलते रिहाई की प्रक्रिया रोक दी गई।
इसी बीच मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) को धमकी देने के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने रिहाई पर रोक लगा दी है। इस आरोप के बाद मामले की फाइल को दोबारा जांच के लिए भेजा गया है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि धमकी का आरोप गंभीर श्रेणी में आता है और यदि इसमें प्राथमिकी दर्ज होती है तो जमानत की शर्तें भी प्रभावित हो सकती हैं।
फिलहाल दोनों नेताओं के परिजन और समर्थक रिहाई का इंतजार कर रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा।