नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सेना के रिटायर्ड कर्नल से 15.50 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने पंजाब और राजस्थान से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी साउथ वेस्ट अमित गोयल के अनुसार, मुनिरका एन्क्लेव निवासी रिटायर्ड कर्नल को 15 अप्रैल को कॉल आया कि महाराष्ट्र पुलिस के आदेश पर उनका फोन बंद किया जा रहा है। इसके बाद खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले ठग ने कहा कि मुंबई में उनके नाम पर फर्जी बैंक खाता खोलकर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग हो रही है। ईडी का फर्जी अरेस्ट वारंट, कोर्ट के कागज और बॉम्बे हाईकोर्ट व आरबीआई के नाम से फर्जी दस्तावेज भेजकर पीड़ित को पत्नी सहित “डिजिटल अरेस्ट” बता दिया। डराकर आरबीआई के नाम पर 15.50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इस पर ई-एफआईआर नं. 165/26 दर्ज की गई।
जांच में रकम लुधियाना के एक करंट अकाउंट में जाना मिला। जांच टीम ने लुधियाना निवासी सरबजीत (38), सूरज (30) और बैंक कर्मचारी संदीप (32) तथा सीकर, राजस्थान निवासी नरेश उर्फ लकी को गिरफ्तार किया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी कमीशन पर म्यूल अकाउंट खरीदकर कंबोडिया और दुबई में बैठे साइबर ठगों को सप्लाई करते थे। आरोपी सरबजीत ने अपना अकाउंट सूरज को बेचा था, सूरज ने टेलीग्राम के जरिए नरेश उर्फ लकी को दिया, जिसने इसे विदेशी सिंडिकेट तक पहुंचाया।
पुलिस ने 4 मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए हैं। जिस खाते में ठगी की रकम गई, वह NCRP पोर्टल पर दर्ज 17 अलग-अलग शिकायतों से जुड़ा मिला है, जिसमें करोड़ों रुपये के फ्रॉड का लेन-देन है।