नई दिल्ली: आउटर जिला पुलिस के शिष्टाचार स्क्वाड ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 28 जून 2026 को जिले भर में एक बड़ा जागरूकता और निवारक पुलिसिंग अभियान चलाया। इस अभियान का मकसद था पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना, जनता से जुड़ाव मजबूत करना और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना।
विक्रम सिंह डीसीपी आउटर डिस्ट्रिक्ट ने बताया कि इस अभियान के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकत चलाया गया जिसमें बसों, बस स्टैंड, पार्क, स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, पेंशन केंद्र, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। सीधा संवाद करते हुए महिला यात्रियों, छात्राओं, वरिष्ठ नागरिकों और रोजाना सफर करने वालों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। उन्हें बिना डर के छेड़छाड़ या संदिग्ध गतिविधि की शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। दूसरी ओर महिला हेल्पलाइन 1093 और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 की जानकारी दी गई, ताकि 24×7 तुरंत पुलिस मदद मिल सके। वही सुरक्षा निजी सुरक्षा, सुरक्षित यात्रा, साइबर जागरूकता और पुलिस सहायता के बारे में काउंसलिंग की गई।
पुलिस के ओर से संवेदनशील जगहों, बाजारों, पार्कों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड पर पैदल गश्त तेज की गई। पुलिस की दिखावट, बसों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई ताकि असामाजिक तत्वों पर लगाम लगे। वही छेड़छाड़ मुक्त माहौल के लिए नियमित चेकिंग और सरप्राइज इंस्पेक्शन किए गए।
पिछले 15 दिनों में एंटी-हैरासमेंट ऑपरेशन के दौरान दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 203 लोगों को हिरासत में लिया गया।
शिष्टाचार स्क्वाड ने महिलाओं और लड़कियों से दोस्ताना तरीके से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस हर कदम पर उनके साथ है।
आउटर जिला पुलिस ने दोहराया कि वह लगातार सामुदायिक पहुंच, दिखने वाली पुलिसिंग और सख्त कार्रवाई के जरिए यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जिले में रहने, काम करने और सफर करने वाली हर महिला खुद को सुरक्षित और आत्मविश्वासी महसूस करे।