दिल्ली में जमीन का भी बनेगा ‘आधार कार्ड’, हर प्रॉपर्टी को मिलेगा 14 अंकों का यूनिक ID

सरकार ला रही है Delhi Land Record Bill, 30 गांवों से होगी शुरुआत, ड्रोन से होगी हर गली-मकान की मैपिंग
नई दिल्ली | राजधानी में जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े झगड़ों और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार एक बड़ी तैयारी में है। सरकार जल्द ही Delhi Land Record Bill लाने जा रही है, जिसके तहत दिल्ली की हर रेजिडेंशियल, कृषि और कमर्शियल संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हर प्रॉपर्टी को एक यूनिक प्रॉपर्टी ID दी जाएगी, जिसे ‘प्रॉपर्टी का आधार कार्ड’ या ‘भू-आधार’ कहा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह 14 अंकों का यूनिक नंबर होगा।

क्या है पूरी योजना?

सरकार ने इसके लिए ‘दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण और अभिलेख संचालन नियमावली, 2025’ का मसौदा तैयार कर लिया है। इसके तहत –

  1. ड्रोन से सर्वे: सभी गांवों की आबादी देह, विस्तारित आबादी और लाल डोरा क्षेत्रों की मैपिंग ड्रोन और हवाई फोटोग्राफी से की जाएगी। भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) की मदद से हर प्लॉट की सही लोकेशन, आकार और सीमा दर्ज होगी।
  2. पहला चरण: पहले चरण में 30 गांवों के भूमि रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे। सर्वे टीम ड्रोन से बने नक्शों का जमीनी स्तर पर सत्यापन भी करेगी ताकि किसी के अधिकार का हनन न हो।
  3. SVAMITVA प्रॉपर्टी कार्ड: सर्वे के बाद पात्र लोगों को SVAMITVA Property Card जारी किया जाएगा, जो जमीन और मकान के मालिकाना हक का कानूनी सबूत होगा। केंद्र की स्वामित्व योजना के तहत दिल्ली के 48 गांव पहले से ही कवर हैं।
  4. सरकार का दावा है कि इस सिस्टम से पारदर्शिता आएगी, जमीन के पुराने विवाद खत्म होंगे और फर्जी दस्तावेज, अवैध कब्जों जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।
  5. आपकी राय: सरकार इस ‘प्रॉपर्टी के आधार कार्ड’ को जमीन विवादों के लिए रामबाण बता रही है, लेकिन क्या सच में एक यूनिक ID से फर्जी रजिस्ट्री और कब्जों का खेल खत्म हो पाएगा? क्या आपको लगता है इस कदम से आम आदमी को फायदा होगा?

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