पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त को एक 60 वर्षीय महिला ने महिला पुलिस चौकी में शिकायत दी कि उसकी 26 वर्षीय बेटी 2 मई से पश्चिम बंगाल से लापता है। 25 अगस्त को बेटी ने फोन कर बताया कि उसे दिल्ली के जीबी रोड पर बंधक बनाया गया है। सूचना पर एसआई किरण सेठी के नेतृत्व में महिला स्टाफ कोठा नंबर 58 पर पहुंचा और पीड़िता को मुक्त कराया।
पीड़िता ने बताया कि पश्चिम बंगाल के एक रेलवे स्टेशन पर कालू नामक व्यक्ति ने नौकरी का झांसा देकर उसे दिल्ली लाया, उसका फोन छीन लिया और गीता नामक महिला को बेच दिया। गीता ने एक महीने तक अपने घर में रखने के बाद उसे कोठे की मालकिन रेशमा को सौंप दिया।
इसी परिसर से दूसरी 28 वर्षीय पीड़िता भी बचाई गई। उसने बताया कि पति से विवाद के बाद वह 8 साल के बेटे के साथ घर से निकली थी। सियालदह स्टेशन के पास एक महिला ने खाने-पीने का झांसा देकर उसे दिल्ली लाया और झाड़ू-पोंछा के काम का वादा कर वेश्यावृत्ति में धकेल दिया। विरोध करने पर बेटे को मारने की धमकी दी गई। आरोपी पारो उसके बेटे को छात्रावास में ले गई, जिसे ढूंढने के प्रयास जारी हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- गीता (55 वर्ष) – कोठे की केयरटेकर
- मंजू (58 वर्ष) – कोठे की केयरटेकर
- पारो खातून (29 वर्ष) – कोठे की केयरटेकर
तीनों पश्चिम बंगाल की मूल निवासी हैं और जीबी रोड पर रहती हैं। - पूछताछ में पता चला कि आरोपी रेशमा, मंजू और गीता थाना कमला मार्केट के ही मानव तस्करी के पुराने मामले एफआईआर नंबर 139/25 में भी शामिल थीं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
पुलिस ने कोठे से 55 हजार रुपये नकद, टोकन, रजिस्टर और बिजली बिल बरामद किया है। दोनों पीड़िताओं का लोकनायक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई गई है।
मामला बीएनएस की धारा 137(2)/143(2)/144(1)/64(2)/61/3(5) और आईटीपी एक्ट की धारा 3/5/6 के तहत दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि ऑपरेशन महिला पुलिस चौकी की टीम ने त्वरित कार्रवाई कर अंजाम दिया।