नई दिल्ली: पेटीएम केवाईसी अपडेट के बहाने एक गरीब चाय विक्रेता से 90 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को पेटीएम अधिकारी बताकर पीड़ित के फोन का एक्सेस ले लिया और खाते से रकम उड़ा दी।
साइबर थाना, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की बड़ी कार्रवाई
मामले की जांच करते हुए साइबर थाना, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी म्यूल बैंक अकाउंट, सिम कार्ड और एटीएम किट सप्लाई करने का काम करते थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में होता था।
तकनीकी निगरानी से खुली परतें
पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस, बैंक ट्रांजेक्शन की जांच, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल प्रोफाइलिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके लिए पुलिस टीमों ने हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में दबिश दी।
मोबाइल से मिले अहम सबूत
जब्त मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत, बैंक किट के लेन-देन का ब्योरा और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कई अन्य साइबर ठगी मामलों के लिंक मिले हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित साइबर गिरोहों को बैंक खाते और सिम मुहैया कराते थे। इनके जरिए ठगी की रकम देशभर में घुमाई जाती थी।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
साइबर थाना, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तेजी से कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
सावधान रहें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि केवाईसी अपडेट के नाम पर फोन या ओटीपी किसी से साझा न करें। पेटीएम या कोई भी बैंक कभी फोन पर केवाईसी नहीं करता।