नई दिल्ली। राजधानी में आपराधिक मामलों की जांच को तेज और अधिक वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने शेख सराय में 152 करोड़ रुपये की लागत से नई क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL) के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
सरकार के अनुसार, यह नई लैब दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली जिलों की जरूरतों को पूरा करेगी। अभी इन जिलों के सैंपल जांच के लिए अन्य लैब पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे रिपोर्ट में देरी होती है। नई प्रयोगशाला बनने के बाद जांच प्रक्रिया तेज होगी और अदालतों में साक्ष्य समय पर पेश किए जा सकेंगे।
प्रस्तावित प्रयोगशाला में डीएनए, साइबर फोरेंसिक, नारकोटिक्स, बैलिस्टिक और फिंगरप्रिंट जांच सहित सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसे नवीनतम तकनीक और उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि जटिल और गंभीर अपराधों की जांच में कोई बाधा न आए।
सरकार का कहना है कि इस पहल से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि न्याय प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी। लैब के निर्माण के बाद जांच अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर ही वैज्ञानिक सहायता मिल सकेगी, जिससे अपराधियों तक जल्द पहुंचने में मदद मिलेगी।