नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बीते दिनों मालवीय नगर और सत्य निकेतन जैसे इलाकों में हुए दर्दनाक हादसों ने एक बार फिर अवैध निर्माण की पोल खोल दी है। इन हादसों में कई मासूमों की जान चली गई, कई परिवार उजड़ गए। हादसों के बाद अपनी साख बचाने के लिए MCD का पीला पंजा राजधानी के कई इलाकों में तेजी से चल रहा है, अवैध निर्माणों पर नोटिस और तोड़फोड़ की कार्रवाई की खबरें रोज अखबारों की सुर्खियां बन रही हैं।
लेकिन सवाल उठता है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए है?
सूत्रों के मुताबिक मध्य दिल्ली का पहाड़गंज इलाका इस कार्रवाई से पूरी तरह अछूता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहाड़गंज की लगभग हर गली-कूचे में अवैध निर्माण कर धड़ल्ले से होटल बनाए जा रहे हैं। खासकर गली भगवती भवन तेल मंडी, चूना मंडी, राज गुरु रोड, बराही माता मंदिर क्षेत्र, मैन बाजार पहाड़ गंज, संगतराशन चूना मंडी की गली नंबर 5-6 में युद्ध स्तर पर 4 मंजिला इमारतें तो क्या 5- 6 मंजिल तक अवैध रूप से होटल खड़े किए जा रहे हैं, न नक्शा पास है, न फायर NOC, न बिल्डिंग सेफ्टी की कोई परवाह।
स्थानीय निवासियों द्वारा दर्जनों बार लिखित शिकायतें करोल बाग जोन के बिल्डिंग डिपार्टमेंट में दी गईं, लेकिन विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं। एक भी होटल पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके पीछे की वजह सियासी है। इस इलाके का निगम पार्षद, सांसद और खुद दिल्ली की मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से हैं। जब निगम से लेकर विधानसभा और संसद तक, यानी 4 इंजन की सरकार एक ही पार्टी की है, तो ऐसे में MCD की क्या मजाल जो पहाड़गंज में बन रहे अवैध होटलों पर कानूनी कार्रवाई करके दिखा दे।
जनता पूछ रही है – क्या मालवीय नगर और सत्य निकेतन के मासूमों की जान की कीमत पर ही MCD जागेगा? और क्या पहाड़गंज में किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है, तब जाकर पीला पंजा चलेगा?
MCD करोल बाग जोन के अधिकारियों से इस बारे में पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।