नई दिल्ली: क्राइम ब्रांच की AGS यूनिट ने दिल्ली-NCR में नकली, मिलावटी और बिना अनुमति वाली जीवनरक्षक दवाओं की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
बड़ी कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- जापान और USA की नामी कंपनियों के नाम पर तुर्की में बनी नकली दवाएं भारत में तस्करी कर लाई जा रही थीं। • ये दवाएं CDSCO / DCGI द्वारा भारत में बिक्री के लिए अप्रूव्ड भी नहीं हैं। • आरोपी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा था।
सूचना और गिरफ्तारी:
दिनांक 21.04.2026 को ASI राहुल कुमार और HC हनुमान को गुप्त सूचना मिली थी कि ICLUSIG, ADCETRIS, DARZALEX जैसी महंगी ब्रांडेड दवाओं के नाम पर नकली दवाएं बेची जा रही हैं।
इस पर DCP क्राइम श्री हर्ष इंदौरा के निर्देशन और ACP भगीरथ प्रसाद के सुपरविजन में इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने मदर डेयरी बूथ, सुखदेव विहार पर जाल बिछाकर आरोपी को Honda City कार के साथ पकड़ा।
आरोपी: डॉ. मनीष शर्मा (39 वर्ष) पुत्र श्याम बाबू शर्मा, निवासी फरीदाबाद, मूलतः भिंड, ग्वालियर (MP)। आरोपी रूस से MBBS कर चुका है, भारत में मेडिकल परीक्षा पास नहीं कर पाया और बाद में फरीदाबाद में KMC हॉस्पिटल और HK फार्मास्युटिकल्स के नाम से इंडिया मार्ट पर दवाएं बेचने लगा।
क्या-क्या बरामद हुआ:
- ICLUSIG (ponatinib) के 4 पैकेट – भारत में बिक्री अप्रूव्ड नहीं। USA में कीमत लगभग 17,000 डॉलर (करीब 17 लाख रुपये प्रति बॉक्स)।
- HUMAN ALBUMIN SOLUTION 20% के 4 वायल – तुर्की मूल के, तस्करी कर लाए गए। कीमत 5,800 रुपये प्रति बॉक्स।
- DARZALEX 1800 mg (Janssen) के 2 बॉक्स – तुर्की मूल के, भारतीय बाजार में बिक्री के लिए नहीं। कीमत 2,27,000 रुपये प्रति वायल।
कानूनी कार्रवाई:
इस संबंध में थाना क्राइम ब्रांच में FIR No. 94/2026, दिनांक 21.04.2026, धारा 3(5)/61(2)/276/277/278/318(4)/336(3)/123 BNS, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।