नई दिल्ली:मध्य जिला साइबर पुलिस ने IGI एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।
रोहित राजवीर सिंह डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक आरोपी “ब्रेटिश एयरवेज” और “फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट” के नाम से फर्जी वेबसाइट चलाते थे। इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर युवाओं को लुभाते, फिर खुद को HR बताकर एविएशन डिप्लोमा के नाम पर 7,000 से 10,000 रुपये UPI से वसूलते और फर्जी एडमिशन स्लिप व ऑफर लेटर भेज देते थे।
एक पीड़ित की शिकायत पर FIR No. 34/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच और मनी ट्रेल के आधार पर पुलिस ने नोएडा के गौर सिटी सेंटर मॉल स्थित दफ्तर पर छापा मारा।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी -संदीप कुमार (23) – मास्टरमाइंड, पहले खुद का टेली-कॉलर था, दूसरा अखिल कुमार (27) इसका पार्टनर है, इसके खाते में ठगी की रकम आती थी, तीसरा राकेश कुमार (47) – वेबसाइट डेवलपर है, इसके अलावा श्वेता, सपना और साक्षी – तीनों टेली-कॉलर है, जो “करिश्मा” जैसे फर्जी नाम से HR बनकर कॉल करती थीं।
इसके पास से 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और जॉब-सीकर्स का डेटा वाले 2 रजिस्टर बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार इस रैकेट से 10 NCRP शिकायतें जुड़ी मिली हैं। आरोपी शिकायत से बचने के लिए अक्सर दफ्तर, वेबसाइट और सिम बदल देते थे। बाद में इन्होंने “शंख एयरवेज” और “एक्सीलेंस लर्निंग इंस्टीट्यूट” के नाम से नई वेबसाइट भी बना ली थी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिले जॉब ऑफर का भुगतान करने से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।