नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ARSC टीम ने 11 साल से फरार चल रहे एक दुर्दांत हत्याकांड के उम्रकैद दोषी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 2015 में हाईकोर्ट से मिली फरलो पर जेल से बाहर आने के बाद फरार हो गया था और अपनी पहचान छिपाकर हिमाचल प्रदेश के एक गांव में रह रहा था।
क्या है मामला:
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी की पहचान अमित उर्फ संजय उर्फ जयपाल (42) पुत्र महिपाल, निवासी 32/101, त्रिलोकपुरी, दिल्ली के रूप में हुई है।
10 जनवरी 2010 की रात करीब 8:20 बजे मयूर विहार फेज-1 में शराब के ठेके के पास राम चंद्र नामक व्यक्ति से तीन युवकों ने पैसे मांगे। विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू से उसके पेट में वार कर दिया। घायल को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में थाना मयूर विहार में FIR No. 08/2010, धारा 302/34 IPC के तहत मामला दर्ज हुआ था।
इस जघन्य हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट के फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज श्री संजय गर्ग ने 25 मई 2011 को आरोपी अमित को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के दौरान वह तिहाड़ जेल नंबर-2 में बंद था।
फरलो पर आया और हो गया फरार:
माननीय दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी को 06 अक्टूबर 2015 से 21 अक्टूबर 2015 तक दो सप्ताह की फरलो दी थी, लेकिन फरलो अवधि खत्म होने के बाद आरोपी ने तिहाड़ जेल में सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया।
ऐसे पकड़ा गया:
डीसीपी क्राइम श्री संजीव कुमार यादव के समग्र नेतृत्व में, ACP/ARSC श्री संजय नागपाल व श्री विवेकानंद पाठक की देखरेख में इंस्पेक्टर दीपक दहिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में SI जतन सिंह, SI मोहित यादव, ASI श्याम सिंह, HC संदीप, HC सुनील और HC रविंदर शामिल थे।
टीम ने आरोपी के त्रिलोकपुरी स्थित पते पर छापा मारा तो पता चला कि वह मकान छोड़ चुका है। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने त्रिलोकपुरी से ग्रेटर नोएडा और फिर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पोंटा साहिब के पास सतौन गांव में उसका पता लगाया।
जांच में पता चला कि फरार होने के बाद 2016 में आरोपी ने बोधगया, बिहार निवासी सोनवा कुमारी से शादी कर ली थी। उसके दो बेटे (3 से 5 साल) हैं। वह गांव सतौन में परिवार के साथ रह रहा था और एक बौद्ध मठ में रसोइए का काम कर रहा था। आरोपी दसवीं तक पढ़ा है और पहले ट्रक ड्राइवर का काम करता था।
फिलहाल आरोपी को मेडिकल जांच के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन को सौंप दिया गया है।