उत्तर दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में यमुना खादर में कथित अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण की खबर कवरेज करने गए स्थानीय पत्रकार ईश मलिक पर हुए हमले की घटना बेहद निंदनीय और चिंताजनक है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार ईश मलिक जब यमुना खादर क्षेत्र में चल रही कथित गतिविधियों की रिपोर्टिंग कर रहे थे, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।
पत्रकार समाज और जनता के बीच सच को सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। यदि खबरों की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हमले होने लगें, तो यह केवल एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता पर सीधा हमला माना जाएगा। विश्व पत्रकार महासंघ इस हमले का पुरजोर विरोध करता है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की माँग करता है।
हम दिल्ली पुलिस से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों की पहचान की जाए तथा उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि वे बिना किसी भय के अपना दायित्व निभा सकें।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पत्रकार ईश मलिक शीघ्र स्वस्थ हों और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जाए।